आगरा।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक एवं निरीक्षण समिति के सदस्यों द्वारा आगरा स्थित विभिन्न राजकीय गृहों का औचक निरीक्षण किया गया।
इन संस्थानों का हुआ निरीक्षण:
निरीक्षण समिति ने शहर के तीन प्रमुख संस्थानों का जायजा लिया:
* राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर)
* राजकीय बाल गृह (श शिशु)
* राजकीय संरक्षण गृह (महिला)
Also Read – 21 साल पुराने मामले में मिली बीमा कंपनी को राहत, उपभोक्ता आयोग प्रथम ने दिया संशोधित क्लेम भुगतान का आदेश

मौके पर मौजूद अधिकारी:
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान निरीक्षण समिति के सदस्य माननीय श्रीमती संगीता कुमारी (अपर जिला जज), माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव (अपर जिला जज), माननीय यशवंत सरोज (अपर जिला जज) और माननीय श्रीमती विनीता सिंह (प्रथम सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) मौजूद रहीं।
साथ ही, जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल कुमार सोनी और संस्थानों के प्रभारी अधीक्षक भी उपस्थित रहे।
व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश:
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों ने आवासियों के रहन-सहन और सुविधाओं की गहन समीक्षा की।
Also Read – दलित उत्पीड़न और घातक हमले के मामले में महिला अभियुक्ता की जमानत मंजूर

समिति द्वारा निम्नलिखित निर्देश जारी किए गए:
* स्वास्थ्य और भोजन: प्रभारी अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि संवासनियों, किशोरों और शिशुओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन और चिकित्सीय उपचार मिलना सुनिश्चित किया जाए।
* साफ-सफाई: परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

* सर्वांगीण विकास: किशोरों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए उन्हें खेल-कूद, नृत्य और शिक्षा जैसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।
समिति ने निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को चिन्हित करते हुए प्रभारी अधीक्षकों को उन्हें अविलंब दुरुस्त करने की सख्त हिदायत दी है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin

- विद्युत चोरी के मामले में साक्ष्य और गवाहों के अभाव पर अदालत ने 18 वर्ष बाद आरोपी को किया बरी, विभाग व पुलिस की लापरवाही उजागर - September 17, 2026
- केबल पर अवैध रूप से गदर फिल्म दिखाने के आरोपी को 25 वर्ष बाद मिली सजा, अदालत ने सुनाई डेढ़ वर्ष की कैद - September 17, 2026
- फ्री लुक पीरियड में पॉलिसी सरेंडर करने के बावजूद प्रीमियम हड़पने पर उपभोक्ता आयोग प्रथम सख्त,मैक्स लाइफ और एक्सिस बैंक पर हर्जाना व ब्याज आरोपित - September 17, 2026




