आगरा :
आगरा दीवानी परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी ने अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और वादकारियों को परेशान कर रखा है। करोड़ों रुपए की लागत से बनी नई अदालतों के शौचालयों सहित, यहां तक कि दिव्यांगों के लिए बने शौचालयों पर भी ताले जड़े हुए हैं।
रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होने के बावजूद, न्याय प्रशासन उन्हें जरूरी सुविधाएँ भी नहीं दे पा रहा है।
Also Read – दोषी पाए जाने के बावजूद दवा कंपनी के निदेशक को जेल नहीं, तीन साल की परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर किया रिहा

जो शौचालय खुले भी हैं, उनकी हालत बेहद खराब है। उनमें इतनी दुर्गंध आती है कि खड़ा होना भी मुश्किल है।
न्याय प्रशासन (नाज़िर) का तर्क है कि सफाईकर्मियों की कमी के कारण शौचालयों को बंद करना पड़ा है।
Also Read – बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर सिंह का आगरा दौरा 19 सितंबर को

इस स्थिति से सभी में रोष है, क्योंकि सुविधाएँ होने के बावजूद उन्हें इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं मिल रहा है।
यह एक गंभीर समस्या है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- भगवान श्रीकृष्ण पर विवादित टिप्पणी को लेकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आगरा न्यायालय में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज - November 4, 2026
- आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम का इंडियन बैंक पर कड़ा प्रहार: पीपीएफ खातों से अवैध कटौती पर ग्राहकों के पक्ष में सुनाया फैसला - November 4, 2026
- सांसद कंगना रनौत के खिलाफ ‘गटर जनरेशन’ टिप्पणी मामले में रिवीजन याचिका निरस्त, अदालत ने कहा- परिवादी को विधिक अधिकार नहीं - November 3, 2026




