आगरा।
विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट माननीय ज्योत्सना सिंह ने पुलिस की गंभीर लापरवाही के चलते अवैध गांजा बरामदगी के एक आरोपी बॉबी खान (पुत्र शौकीन खान, निवासी मांगरोल, धौलपुर, राजस्थान) को बरी करने का आदेश दिया है।
अदालत ने पाया कि पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के विधिक प्रावधानों का पालन नहीं किया और साक्ष्य प्रस्तुत करने में बड़ी चूक की।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह मामला थाना सैंया में दर्ज किया गया था।
* वादी मुकदमा उपनिरीक्षक विजय सिंह का आरोप था कि 14 मार्च 2018 को लादुखेड़ा नगला मोहरे पर चेकिंग के दौरान, राजस्थान की तरफ से आ रहे मोटरसाइकिल सवार युवक बॉबी खान ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया।
* पुलिस दल ने पीछा कर आरोपी बॉबी खान को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से दो किलो अवैध गांजा और नगदी बरामद करने का दावा किया था।
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* इस मामले में वादी मुकदमा विजय सिंह और उपनिरीक्षक कृष्ण कांत सिंह की गवाही दर्ज हुई थी।
बरी करने के मुख्य कारण (पुलिस की लापरवाही):
आरोपी के अधिवक्ता योगेश लवानियां और पंकज कुमार के तर्कों को स्वीकार करते हुए, विशेष न्यायाधीश ने निम्न महत्वपूर्ण कमियों को पाया:
* जीडी पेश नहीं की: पुलिस दल की थाने से रवानगी सिद्ध करने के लिए संबंधित जनरल डायरी (जीडी) की प्रविष्टि अदालत में पेश नहीं की गई, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर संदेह उत्पन्न हुआ।
* जांच में अत्यधिक विलंब: बरामद किए गए गांजे को 14 दिन के विलंब से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में जांच हेतु प्रेषित किया गया।
* विधिक प्राविधानों का उल्लंघन: अदालत ने पाया कि पुलिस एनडीपीएस एक्ट के अनिवार्य विधिक प्राविधानों का पालन करने में विफल रही।
विशेष न्यायाधीश माननीय ज्योत्सना सिंह ने इन गंभीर लापरवाहियों के आधार पर आरोपी बॉबी खान को बरी करने का आदेश दिया।
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