आगरा ।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़े मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश माननीय अनुज कुमार सिंह की अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच रिपोर्ट और विपक्षी पक्ष के बयानों की प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों के वकीलों के बीच लंबी बहस चली।
विपक्षी पक्ष की ओर से जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान ने वादी द्वारा 6 जून 2026 को दिए गए प्रार्थना पत्र का जवाब अदालत में पेश किया।
वादी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने पुलिस की जांच आख्या को अधूरा बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी।
वादी पक्ष का तर्क है कि पुलिस ने इस मामले में स्वयं विपक्षी का बयान दर्ज करने के बजाय उनकी अधिवक्ता का बयान लेकर न्यायालय में रिपोर्ट पेश कर दी है, जो कि कानूनी रूप से अपूर्ण है।
वादी पक्ष ने अदालत के समक्ष यह कानूनी बिंदु रखा कि जब तक विपक्षी का स्वयं का बयान दर्ज नहीं होता, तब तक उनकी अधिवक्ता को उनके स्थान पर बयान देने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने अदालत से निवेदन किया कि वह स्वयं विपक्षी को तलब कर उनका बयान दर्ज करे ताकि मामले की असलियत सामने आ सके।

ज्ञात हो कि इसी महत्वपूर्ण तथ्य की अनदेखी के कारण 6 मई 2025 को अवर न्यायालय ने वादी का परिवाद खारिज कर दिया था।
इसके बाद रिवीजन कोर्ट ने पुलिस जांच को अधूरा मानते हुए रिवीजन स्वीकार किया था और मामले की दोबारा सुनवाई कर विधि सम्मत आदेश पारित करने का निर्देश दिया था।
सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने मामले में आगे की कार्यवाही के लिए अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की। इसके जवाब में वादी पक्ष ने त्वरित सुनवाई के लिए एक नया प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
वादी का आरोप है कि विपक्षी पक्ष हर तारीख पर कोई न कोई नया प्रपत्र पेश करके न्यायिक प्रक्रिया को लंबित करने का प्रयास कर रहा है, जिससे मामले का शीघ्र निस्तारण नहीं हो पा रहा है। वादी ने अदालत से उचित आदेश पारित कर शीघ्र सुनवाई की अपील की।
अदालत में वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, राजवीर सिंह, बी.एस. फौजदार और प्रीति गुप्ता ने भी अपनी बहस प्रस्तुत की।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद विपक्षी पक्ष के समय प्रदान करने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।
इस मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 21 जुलाई 2026 की तारीख मुकर्रर की है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- उपभोक्ता आयोग प्रथम का अहम फैसला: लोन चुकता होने के बाद मूल बैनामा वापस न करने पर पीएनबी पर लगाया दो लाख तीस हज़ार का जुर्माना - August 24, 2026
- 6 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट का फैसला, दोषी को 20 वर्ष की कैद और जुर्माना - August 22, 2026
- 8 लाख 25 हजार रुपये के चेक डिसऑनर होने पर आरोपी अदालत में तलब - August 22, 2026




