आगरा ।
आगरा की एडीजे 19 अदालत के न्यायाधीश माननीय लोकेश कुमार ने मारपीट कर घातक चोट पहुंचाने के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
अदालत ने मामले के तीन मुख्य आरोपियों साहब सिंह, उसकी पत्नी अर्चना देवी और उसके भाई दशरथ को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने तीनों दोषियों पर कुल 31 हजार 500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
यह पूरा मामला आगरा के थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र का है। दर्ज मामले के विवरण के अनुसार, 19 जून 2022 को एक विवादित प्लॉट में गोबर डालने की बात को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।
इस विवाद के दौरान आरोपी साहब सिंह, उसकी पत्नी अर्चना देवी, उसके भाई दशरथ और एक अन्य सहयोगी हरिओम ने वादिया, उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया था।
Also Read – चांदी व्यवसायी चेक बाउंस के मामले में अदालत में तलब

इस हमले में वादिया के पति को बेहद गंभीर और घातक चोटें आई थीं, जिन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत दीक्षित ने अदालत के समक्ष मजबूत पैरवी की।
उन्होंने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस के साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के कृत्य को क्रूर और कानून का उल्लंघन बताया।
न्यायाधीश माननीय लोकेश कुमार ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के तर्कों से सहमति जताते हुए और उपलब्ध वैज्ञानिक व मौखिक साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी साहब सिंह, उसकी पत्नी अर्चना देवी और भाई दशरथ को घटना का मुख्य जिम्मेदार माना और उन्हें पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई।
इसी मामले में शामिल एक अन्य आरोपी हरिओम की भूमिका को देखते हुए अदालत ने उसे छह माह के कारावास और 500 रुपए के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- डॉ. आंबेडकर बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की तारीख घोषित, तीन जून को होगा मतदान - May 27, 2026
- छात्रा से छेड़छाड़ का मामला: अदालत ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दिए अग्रिम विवेचना के आदेश - May 27, 2026
- मारपीट कर घातक चोट पहुंचाने के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को पांच वर्ष की कैद - May 27, 2026





1 thought on “मारपीट कर घातक चोट पहुंचाने के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को पांच वर्ष की कैद”