आगरा ।
आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र में लगभग चौदह वर्ष पूर्व एक युवती के अपहरण के मामले में न्यायालय ने अपना निर्णय सुना दिया है।
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश माननीय यशवंत कुमार सरोज ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों पर विचार करते हुए आरोपी राजवीर सिंह को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने दोषी को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2012 का है। पीड़ित युवती के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पंद्रह वर्षीय पुत्री बाजार सामान लेने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।
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खोजबीन करने पर पता चला कि आरोपी राजवीर सिंह और उदयवीर उर्फ काले उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
न्यायालय की कार्यवाही के दौरान पीड़िता सहित कुल छह गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता ने अदालत को बताया कि आरोपी उसे पिता के अस्पताल में भर्ती होने का झांसा देकर मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए थे।
उसे बिजली घर के पास एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी उदयवीर ने उसके साथ दुराचार किया था, हालांकि विचारण के दौरान उदयवीर की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।
अदालत में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ऋषभ कुमार जैन ने प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने राजवीर सिंह को अपहरण का दोषी पाया। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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