आगरा/नई दिल्ली/मैनपुरी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने ईशन नदी संरक्षण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में नए प्रतिवादीगणों को शामिल करने और उन्हें नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
केस संख्या 105/2025, अजय प्रताप सिंह बनाम डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मैनपुरी व अन्य की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने वादी पक्ष के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।
मामले के वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने एनजीटी के समक्ष इम्पलीडमेंट प्रार्थना पत्र संख्या 318/2026 प्रस्तुत किया था।
इसमें जिलाधिकारी कानपुर नगर, प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (उत्तर प्रदेश शासन), प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग (उत्तर प्रदेश शासन) सहित मां वैष्णों मॉल एवं रिसॉर्ट्स मैनपुरी, सेंट मैरी स्कूल मैनपुरी और डॉ. जेड. एच. (पी.जी.) कॉलेज एटा को प्रतिवादी बनाने का अनुरोध किया गया था।
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माननीय न्यायालय ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए वादी को पक्षकारों की सूची संशोधित करने और नए प्रतिवादीगणों को नोटिस भेजने का निर्देश दिया।
न्यायालय ने यह भी कहा कि सर्विस स्टेटस का शपथ पत्र अगली सुनवाई से एक सप्ताह पूर्व दाखिल किया जाए।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या 3, जिलाधिकारी एटा की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
इस दौरान विभिन्न प्रतिवादीगणों की ओर से अधिवक्ता भंवरपाल सिंह जादौन, अंजली शर्मा, गार्गी चतुर्वेदी, प्रियंका स्वामी, प्रदीप शर्मा और दलीप ध्यानी उपस्थित रहे।
ईशन नदी के अस्तित्व को बचाने और प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से चल रहे इस महत्वपूर्ण केस की अगली सुनवाई अब 29 जुलाई को निर्धारित की गई है।
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