आगरा:
जनपद के थाना सिकंदरा में दर्ज बहुचर्चित एलएंडटी (L&T) फाइनेंस कंपनी धोखाधड़ी मामले में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
जिला जज ने आरोपी यश खिरवार की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे जेल से रिहा करने के आदेश दिए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह मामला एलएंडटी फाइनेंस कंपनी के क्षेत्रीय सेल्स प्रबंधक नीलेश कुमार द्वारा दर्ज कराई गई एक विस्तृत शिकायत पर आधारित है।
आरोप के अनुसार, कंपनी ग्राहकों को दो पहिया वाहनों के लिए ‘हायर परचेज संविदा’ के तहत वित्तीय सुविधा प्रदान करती है।
* मुख्य आरोप: कंपनी का आरोप था कि दो प्रमुख डीलर— मेसर्स रामा मोटर्स (अनु रत्न अग्रवाल व अन्य) और मां भगवती होंडा ने कंपनी के सेल्स ऑफिसर्स (दीपक कुमार और राहुल कुशवाहा) के साथ मिलीभगत कर धोखाधड़ी की।
* फर्जीवाड़ा: कुल 47 ग्राहकों के नाम पर फर्जी केवाईसी (KYC) दस्तावेज तैयार कर फाइनेंस कराया गया। कंपनी ने इन वाहनों के लिए डीलर को ₹34,47,306/- का भुगतान किया, लेकिन बाद में किस्तें जमा होना बंद हो गईं। जांच में पाया गया कि संबंधित वाहनों के कागजात फर्जी थे।
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आरोपी की भूमिका और गिरफ्तारी:
विवेचना के दौरान इस घोटाले में यश खिरवार (निवासी दौरेठा, शाहगंज) का नाम प्रकाश में आया था। घटना के लगभग तीन वर्ष बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को 8 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
न्यायालय का आदेश:
सुनवाई के दौरान आरोपी यश खिरवार के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार शर्मा एवं मनीष पाठक ने न्यायालय के समक्ष पुरजोर दलीलें पेश कीं।
बचाव पक्ष के तर्कों और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जिला जज ने आरोपी की जमानत मंजूर कर ली।
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प्रकरण के मुख्य बिंदु:
* वादी: नीलेश कुमार (क्षेत्रीय सेल्स प्रबंधक, L&T फाइनेंस)।
* आरोपी: यश खिरवार सहित 47 अन्य (डीलर, कर्मचारी व बिचौलिए)।
* धाराएं: धोखाधड़ी (420), कूटरचित दस्तावेज तैयार करना (467, 468, 471) व अन्य सुसंगत धाराएं।
* न्यायालय: जिला जज, आगरा।
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