आगरा।
जनपद की विशेष अदालत (ADJ-1) ने नकली शराब बनाने और उसकी तस्करी करने के गंभीर मामले में आरोपित दो सगे भाइयों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अपर जिला जज प्रथम माननीय पुष्कर उपाध्याय ने मामले की गंभीरता और समाज पर इसके घातक प्रभाव को देखते हुए आरोपी नरेश और उम्मेद सिंह को राहत देने से इंकार कर दिया।
बिना नंबर की स्कॉर्पियो से चल रहा था अवैध कारोबार:
मामला थाना कागारोल क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बीती 27 जनवरी 2026 को थानाध्यक्ष मोहित शर्मा अपने अधीनस्थों के साथ इलाके में गश्त पर थे।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बिना नंबर की एक काली स्कॉर्पियो में सवार कुछ लोग नकली शराब की सप्लाई करने जा रहे हैं।
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पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लाल ऊ पुल के पास घेराबंदी की और गाड़ी सहित आरोपियों को दबोच लिया।
भारी मात्रा में नकली शराब और उपकरण बरामद:
गिरफ्तार आरोपी नरेश और उम्मेद सिंह (पुत्रगण सत्यवीर सिंह), निवासी ग्राम मंगूरा रायभा, थाना अछनेरा के कब्जे और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने भारी मात्रा में बनी हुई नकली शराब, शराब के स्टिकर, ढक्कन और खाली बोतलें बरामद कीं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी स्प्रिट और देशी शराब को मिलाकर उसे अंग्रेजी शराब के रूप में पैक कर ऊंचे दामों पर बेचते थे।
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अदालत ने माना गंभीर अपराध:
न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान एडीजीसी (ADGC) आदर्श चौधरी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
उन्होंने तर्क दिया कि आरोपियों द्वारा निर्मित नकली शराब जनहानि का कारण बन सकती है और ऐसे संगठित अपराधों में जमानत देना न्यायहित में नहीं है।
एडीजे-1 माननीय पुष्कर उपाध्याय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए दोनों भाईयों की जमानत याचिका निरस्त करने के आदेश जारी किए।
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