न्याय में बाधा ! 22 तारीखों के बाद भी गवाही के लिए नहीं पहुंचे थानाध्यक्ष टूंडला अंजीत सिंह, SP फिरोजाबाद को गिरफ्तारी के आदेश

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

अदालती प्रक्रिया और ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ (Operation Conviction) की गंभीरता को दरकिनार करने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है।

एडीजे-12 माननीय महेंद्र कुमार की अदालत ने डकैती और हत्या जैसे संगीन मामले में गवाही के लिए लगातार अनुपस्थित रहने पर, थानाध्यक्ष टूंडला अंजीत सिंह को गिरफ्तार कर अदालत में हाजिर कराने का सख्त आदेश दिया है।

यह आदेश सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) फिरोजाबाद को दिए गए हैं, साथ ही चेतावनी दी गई है कि विफल रहने पर एसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा।

संगीन मामला और विवेचक की लापरवाही:

मामला: राज्य बनाम रामनरेश उर्फ खूनी आदि (अपराध संख्या-231/2019), धारा 396 भादंसं (डकैती के दौरान हत्या)। यह मुकदमा थाना पिनाहट से संबंधित है।

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अवरोध: थानाध्यक्ष टूंडला अंजीत सिंह इस मुकदमे के विवेचक रहे हैं और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए उनकी गवाही अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अदालत का धैर्य टूटा:

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, थानाध्यक्ष अंजीत सिंह की गवाही दर्ज कराने के लिए पत्रावली पर 22 तारीखें नियत की जा चुकी हैं।

* न्यायालय ने बार-बार समन, गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किए।

* यहां तक कि पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद को भी पत्र प्रेषित किया गया।

* पुलिस द्वारा स्वयं अदालत को यह आख्या (रिपोर्ट) भी दी गई कि अदालत के आदेशों की थानाध्यक्ष और एसपी पर विधिवत तामील (सेवा) हो चुकी है।

इसके बावजूद, थानाध्यक्ष अंजीत सिंह एक भी बार गवाही देने अदालत में हाजिर नहीं हुए, जिससे न्याय की प्रक्रिया लंबे समय से बाधित हो रही है।

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ADJ-12 का कड़ा रुख:

थानाध्यक्ष की लगातार लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए, एडीजे-12 माननीय महेंद्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:

 “थानाध्यक्ष टूंडला जनपद फिरोजाबाद को गिरफ्तार कराकर आगामी 7 नवम्बर को अदालत में हर हाल में हाजिर कराया जाए।”

* अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि थानाध्यक्ष को हाजिर कराने में विफलता होती है, तो पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद को व्यक्तिगत रूप से उक्त दिवस पर अदालत में उपस्थित होकर इस गंभीर लापरवाही के लिए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।

यह आदेश पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी फटकार है, खासकर तब जब जघन्य अपराधों में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए सरकारों द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

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विवेक कुमार जैन
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