आगरा:
अपहरण और दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी विजय को अदालत ने बरी कर दिया है। यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तब सुनाया, जब मुकदमे की वादिनी और पीड़िता दोनों ही अपनी पिछली गवाही से मुकर गए।
मामला फतेहपुर सीकरी थाने में दर्ज हुआ था। वादिनी ने शिकायत में कहा था कि उनकी बहन 25 फरवरी 2021 की रात को अचानक घर से गायब हो गई थी। दो दिन की तलाश के बाद, उन्हें पता चला कि आरोपी विजय उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पुलिस ने वादिनी की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया था।

इस मामले में पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए अपने पहले बयान में आरोपी के खिलाफ बयान दिया था। लेकिन, जब वह अदालत में पेश हुई, तो उसने कहा कि वह उस दिन घर पर बिना बताए कुछ दिनों के लिए वृंदावन चली गई थी।
उसने यह भी कहा कि आरोपी ने न तो उसका अपहरण किया और न ही उसके साथ दुष्कर्म किया। मुकदमे की वादिनी भी अदालत में अपने पहले के बयान से पलट गई।
अदालत ने वादी और पीड़िता के मुकर जाने के कारण सबूतों के अभाव में और आरोपी के वकील जयपाल कुशवाह के तर्कों को देखते हुए आरोपी को बरी करने का आदेश दिया।
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