आगरा /प्रयागराज 19 सितंबर ।
हम सभी को अपनी मातृभाषा से प्रेम करना चाहिए साथ ही अन्य भाषा के प्रति दुराग्रह भी नहीं होना चाहिए।
यह विचार इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने बुधवार को अधिवक्ता परिषद काशी उच्च न्यायालय इकाई प्रयागराज की ओर से बार एसोसिएशन के लाइब्रेरी हाल में आयोजित अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
Also Read - नाबालिग के यौन शोषण के आरोपियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई रोकमुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने अधिवक्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के किसी भी न्यायालय में हिंदी में वाद पत्र तैयार करने एवं अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखने में कोई विधिक बाधा नहीं है। हमें प्रयास करना चाहिए कि हम अपनी मातृभाषा का अधिकाधिक प्रयोग करें एवं न्यायालय में भी अपने बात को भी मातृभाषा में रखें।

अधिवक्ता परिषद के समाज में महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने कहा कि बार काउंसिल एवं बार एसोसिएशन अधिवक्ता हितों के बारे में चिंता करने के लिए हैं परंतु अधिवक्ता परिषद को समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने हेतु गठित किया गया है।
Also Read - सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की सजा बढ़ाने व षड्यंत्र मामले में बरी करने के खिलाफ राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में की है अपील दायरअधिवक्ता परिषद युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। कानून निर्माण प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण के पूर्व विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और अधिवक्ताओं को इसमें अति सक्रिय भूमिका अदा करनी चाहिए। उन्होंने कई विधियों में आने वाली विसंगतियां को उद्धृत किया एवं अधिवक्ताओं को विभिन्न विषयों का अध्ययन करने एवं तर्कशीलता बढ़ाने का सुझाव भी दिया।
विशिष्ट अतिथि अपर महाधिवक्ता महेश चन्द्र चतुर्वेदी ने अधिवक्ता परिषद को निरंतर ऐसे आयोजन करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने अधिवक्ताओं को धन्यवाद देते हुए न्यायमूर्ति द्वारा कही गई बातों का अनुसरण करने का आह्वान किया।
इससे पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति कृष्ण पहल विशिष्ट अतिथि अपर महाधिवक्ता महेश चंद्र चतुर्वेदी एवं बार के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

विषय की प्रस्तावना अधिवक्ता सौमित्र द्विवेदी ने रखी। वंदे मातरम गायन के बाद अतिथियों का स्वागत इकाई के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य स्थाई अधिवक्ता द्वितीय डा राजेश्वर त्रिपाठी अधिवक्ता परिषद काशी के महामंत्री नीरज सिंह, उपाध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी, वरुण सिंह, प्रियंका शर्मा, सुचिता त्रिपाठी, वत्सला उपाध्याय, प्रभूति कांत त्रिपाठी, विनायक रंजन पांडेय, नागेंद्र कुमार पांडेय, संदीप सिंह, रित्विक शाह आदि उपस्थित रहे।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin- प्रयागराज दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर निगम के ध्वस्तीकरण नोटिस पर लगाई रोक, यथास्थिति बनाए रखने का दिया आदेश - June 13, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिवक्ता जागृति शुक्ला मौत मामले में दिए न्यायिक जांच के आदेश, डॉक्टरों और वकीलों को हड़ताल खत्म करने के निर्देश - June 13, 2026
- बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की पोषणीयता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में बहस, कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए दिया चार सप्ताह का समय - June 13, 2026




