आगरा में यूजीसी एक्ट में संशोधन के खिलाफ अधिवक्ताओं का प्रचंड प्रदर्शन; प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का फूंका पुतला

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आगरा।

यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ग्रांट कमीशन के एक्ट में किए गए हालिया संशोधनों के खिलाफ आगरा के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने दीवानी चौराहा स्थित भारत माता की प्रतिमा के समक्ष केंद्र सरकार के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का पुतला फूंका और उनके पोस्टरों पर जूते बरसाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

‘मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा दीवानी चौराहा:

विगत 13 जनवरी को यूजीसी एक्ट में किए गए संशोधनों के विरोध की गूँज अब देश भर में सुनाई दे रही है। इसी क्रम में आज दोपहर करीब 2:00 बजे आगरा दीवानी परिसर से अधिवक्ताओं का एक विशाल जुलूस निकला।

जुलूस दीवानी चौराहा पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और संशोधित कानून को तत्काल निरस्त करने की मांग की।

सामाजिक ताने-बाने को खतरा: अधिवक्ता

प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि यूजीसी एक्ट में किया गया यह संशोधन समाज में विघटन पैदा करने वाला है।

वक्ताओं ने कहा:

“यह संशोधन सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर देगा और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच की खाई को और चौड़ा करेगा। सरकार को इस जनविरोधी कानून को तुरंत वापस लेना चाहिए।”

मूकदर्शक बनी रही पुलिस:

प्रदर्शन के दौरान दीवानी चौराहे पर भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद था। हालांकि, अधिवक्ताओं के उग्र तेवर के सामने पुलिस असहाय नजर आई।

जब अधिवक्ता देश के शीर्ष नेतृत्व का पुतला फूंक रहे थे और उनके पोस्टरों पर जूते बरसा रहे थे, तब पुलिसकर्मी और अधिकारी मूकदर्शक बनकर केवल घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करते देखे गए।

इस विरोध प्रदर्शन में आगरा के विभिन्न बार एसोसिएशनों से जुड़े बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया और चेतावनी दी कि यदि संशोधन वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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विवेक कुमार जैन
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