आगरा ।
एक चौंकाने वाले मामले में, बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। किसी और पर लाखों का बकाया होने के बावजूद, टोरेंट पावर ने एक दुकानदार का बिजली कनेक्शन काट दिया था।
अब स्थायी लोक अदालत ने इस कार्रवाई को गलत ठहराते हुए बकाया बिल को रद्द कर दिया है और तत्काल कनेक्शन जोड़ने का आदेश दिया है।
जानें क्या है पूरा मामला ?
यह मामला आगरा के हींग की मंडी के दुकानदार सतीश मल्होत्रा (उम्र 69) से जुड़ा है। उनके वकील गिरधारी लाल चौरसिया के माध्यम से उन्होंने 19 दिसंबर 2022 को स्थायी लोक अदालत में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और टोरेंट पावर लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।
Also Read – 6 लाख 63 हजार रुपये के चेक बाउंस मामले में आरोपी बरी, तकनीकी खामी बनी वजह

सतीश मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि उनकी दुकान में 2012 से 1 किलोवॉट का बिजली कनेक्शन था। वह सिर्फ एक सीलिंग फैन का इस्तेमाल करते थे और उनका मासिक बिल 8-10 यूनिट से ज़्यादा नहीं आता था।
लेकिन, 17 सितंबर 2022 को बिजली विभाग ने उनकी दुकान पर हरवंश लाल, नेशनल शू मार्केट के नाम से 6,54,391/- रुपये के बकाया का नोटिस चिपका दिया और उनका कनेक्शन काट दिया। जबकि, हरवंश लाल की दुकान सतीश मल्होत्रा की दुकान के दूसरी तरफ है।
अदालत ने दी राहत:
सतीश मल्होत्रा ने अपने साथ हुए आर्थिक, मानसिक और शारीरिक कष्ट के लिए ₹5.20 लाख के मुआवज़े की भी मांग की थी।
Also Read – जालीवाड़ा: ₹8,400 के चेक को ₹84,000/- बनाने का मामला, दो भाइयों को मिली अग्रिम जमानत

स्थायी लोक अदालत ने वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता गिरधारी लाल चौरसिया के तर्कों को स्वीकार करते हुए आंशिक रूप से मुकदमा मंजूर कर लिया।
अदालत ने टोरेंट पावर को सतीश मल्होत्रा की दुकान पर दर्शाए गए ₹6,54,391/- के बिल को रद्द करने और उनका बिजली कनेक्शन तुरंत जोड़ने का आदेश दिया है।
यह फैसला टोरंट पॉवर की निरकुंश कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- चेक बाउंस मामला: चांदी में निवेश के नाम पर 6 लाख की धोखाधड़ी, आरोपी दीपक प्रजापति को कोर्ट ने किया तलब - March 25, 2026
- साक्ष्य के अभाव में पति की हत्या की आरोपी पत्नी और प्रेमी बरी: एडीजे कोर्ट का बड़ा फैसला - March 25, 2026
- करोड़ों की ठगी का मामला: आरोपी विवेक कुमार सिंह की अग्रिम जमानत मंजूर, जिला जज ने दिए रिहाई के आदेश - March 25, 2026







