न्यायिक मजिस्ट्रेट 2 नें दहेज उत्पीड़न एवं अन्य आरोप में किया था तलब
बुजुर्ग द्वारा उक्त आदेश के विरुद्ध किया था रिवीजन
सत्र न्यायालय ने अधीनस्थ न्यायालय का आदेश किया निरस्त
आगरा 10 मार्च ।
सत्तर वर्षीय ददिया ससुर को दहेज उत्पीड़न एवं अन्य धारा में मुंसिफ फतेहाबाद /न्यायिक मजिस्ट्रेट 2 द्वारा मुकदमे के विचारण हेतु तलब करनें के आदेश को एडीजे माननीय अमित कुमार नें निरस्त कर बुजुर्ग को बड़ी राहत प्रदान की।
मामले के अनुसार श्रीमती ज्योति पुत्री नरेश सिंह निवासनी नगला सूरज भान, थाना शमशाबाद, जिला आगरा ने न्यायिक मजिस्ट्रेट 2 फतेहाबाद की अदालत में परिवाद पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि उसकी शादी 26 अप्रेल 21 को पुष्पेंद्र सिसौदिया निवासी ग्राम साथा थाना किरावली जिला आगरा के साथ हुई थी।
वादनी का आरोप था कि दहेज से सन्तुष्ट नहीँ होने के कारण ससुरालीजनों द्वारा उसे उत्पीड़ित कर 5 लाख रुपये नगद एवं स्विफ्ट कार की मांग की जाती थी। मांग पूरी नही करने पर आरोपी ससुरालीजनों द्वारा उसके साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। वादनी द्वारा अन्य आरोप भी ससुरालीजनो के विरुद्ध लगाने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट 2 ने 30 अक्टूबर 23 को वादनी के ददिया ससुर सहित 7 को मुकदमें के विचारण हेतु अदालत मे तलब करने के आदेश दिये थे।
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70 वर्षीय ददिया ससुर द्वारा स्वयं को अकारण तलब करने पर अपने अधिवक्ता वीर बहादुर सिंह धाकरे के माध्यम से अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में रिवीजन किया।
एडीजे 23 माननीय अमित कुमार ने 70 वर्षीय ददिया ससुर कें अधिवक्ता वीर बहादुर सिंह के तर्क एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अधीनस्थ न्यायालय द्वारा बुजुर्ग के विरुद्ध पारित आदेश को निरस्त कर बुजुर्ग को बड़ी राहत प्रदान की।
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