चिराग फुटवियर से ₹11 लाख की चोरी: ₹96 हजार की बरामदगी के बावजूद आरोपी को मिली जमानत

आगरा: धाकरान चौराहे स्थित ‘चिराग फुटवियर’ में हुई लाखों की चोरी के मामले में एडीजे प्रथम माननीय पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने आरोपी समीर को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने पुलिस की बरामदगी प्रक्रिया में स्वतंत्र गवाहों के अभाव और बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए यह निर्णय […]

Continue Reading

षड्यंत्र रचकर हत्या और दलित उत्पीड़न के तीन दोषियों को आजीवन कारावास: कोर्ट ने लगाया ₹2.01 लाख का जुर्माना

आगरा: विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट) माननीय शिव कुमार की अदालत ने हत्या, दलित उत्पीड़न और हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में तीन सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर कुल 2 लाख 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। घटना का विवरण: […]

Continue Reading

एनडीपीएस एक्ट: पुलिस की लापरवाही और कानूनी प्रावधानों की अनदेखी, गांजा बरामदगी का आरोपी बरी

आगरा: विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) माननीय विवेक कुमार की अदालत ने अवैध गांजा बरामदगी के मामले में एक आरोपी को पुलिस की कार्यप्रणाली में पाई गई गंभीर खामियों के आधार पर बरी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने माना कि पुलिस ने बरामदगी के दौरान न तो स्वतंत्र गवाहों को शामिल किया और न […]

Continue Reading

जमीन सौदे में भाई ने बहन को दिया धोखा: ₹14.35 लाख का चेक तीन बार हुआ बाउंस, कोर्ट ने भाई को किया तलब

आगरा: रिश्तों में भरोसे के कत्ल और धोखाधड़ी का एक मामला प्रकाश में आया है, जहाँ एक चचेरे भाई ने अपनी ही बहन की पुश्तैनी जमीन खरीदने के नाम पर उसे लाखों रुपये का चूना लगा दिया। अतिरिक्त न्यायालय संख्या-3 माननीय महेश नौटियाल के पीठासीन अधिकारी ने इस मामले में आरोपी भाई के खिलाफ कड़ा […]

Continue Reading

पुलिस की ‘हिरासत’ के समय पर उठे सवाल: सीजेएम आगरा ने दिए सिकंदरा थाने के 48 घंटे के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश

आगरा: पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेने के समय में कथित हेरफेर करने का मामला अब अदालत की दहलीज पर पहुँच गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिकंदरा थानाध्यक्ष को थाना परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों का 6 से 8 फरवरी तक […]

Continue Reading

बीमा क्लेम को ‘फर्जी’ बताकर खारिज करना सेवा में कमी: उपभोक्ता आयोग प्रथम आगरा ने बीमा कंपनियों पर लगाया भारी हर्जाना

आगरा: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम, आगरा ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पर्याप्त चिकित्सा दस्तावेजों के बावजूद बीमा क्लेम को ‘फर्जी’ (Fraud) बताकर निरस्त करना सेवा में गंभीर कमी और अनुचित व्यापार संव्यवहार (Unfair Trade Practice) है। आयोग ने बीमा कंपनियों को आदेश दिया है कि वे परिवादी को स्वास्थ्य बीमा की […]

Continue Reading

इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त: न्यायपालिका के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट मामले में जेल में बंद आरोपियों को नोटिस, पुलिस कमिश्नर को मुख्य साजिशकर्ता खोजने के निर्देश

आगरा/प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायपालिका और न्यायिक अधिकारियों के विरुद्ध सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने जेल में बंद दो आरोपियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की मुख्य कार्यवाही: * अवमानना का […]

Continue Reading

इलाहाबाद हाईकोर्ट: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ आशुतोष ब्रह्मचारी ने दाखिल किया 883 पन्नों का जवाब, लगाए गंभीर आरोप

आगरा/प्रयागराज: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कोर्ट के पिछले आदेशों के अनुपालन में, आशुतोष ब्रह्मचारी ने 883 पन्नों का विस्तृत लिखित जवाब दाखिल किया है, जिसमें उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध किया है। […]

Continue Reading

अदालती कार्यवाही: कंगना रनौत की अधिवक्ता के न आने पर आगरा कोर्ट सख्त, लगा जुर्माना

आगरा: किसानों के अपमान और राजद्रोह के मामले में घिरीं भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आगरा की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट माननीय अनुज कुमार सिंह की अदालत ने मामले में बार-बार टल रही बहस और अधिवक्ता की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। क्या है पूरा मामला […]

Continue Reading

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: संभल में नमाजियों की संख्या सीमित करने का प्रशासनिक आदेश रद्द

आगरा/प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिले के प्रशासन द्वारा एक मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने के आदेश को असंवैधानिक मानते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बनाए रखना राज्य का प्राथमिक कर्तव्य है और इसके लिए धार्मिक स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। प्रमुख बिंदु और […]

Continue Reading