आगरा।
अधीनस्थ न्यायालय द्वारा छह माह की कैद और भारी जुर्माने से दंडित किए गए एक आरोपी को सत्र न्यायालय से बड़ी राहत मिली है।
अपर जिला जज (ADJ-24) माननीय खुशतर दानिश ने दोनों पक्षों के मध्य हुए समझौते के आधार पर आरोपी पीयूष गुप्ता की अपील स्वीकार करते हुए उन्हें दोषमुक्त (बरी) करने के आदेश जारी किए हैं।
निचली अदालत ने सुनाई थी 6 माह की सजा:
मामला चेक बाउंस (N.I. Act) से जुड़ा है। शकील अहमद (निवासी नौबस्ता, लोहामंडी) ने पीयूष गुप्ता (प्रोप्राइटर, श्री साईं नाथ इंटरप्राइजेज, गांधी नगर) के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की थी।
इस मामले में विशेष न्यायालय (N.I. Act) ने 8 अप्रैल 2025 को पीयूष गुप्ता को दोषी ठहराते हुए 6 माह के कारावास और 5 लाख 58 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
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सत्र न्यायालय में की गई थी अपील:
निचली अदालत के इस फैसले के विरुद्ध आरोपी पीयूष गुप्ता ने अपने अधिवक्ता अनिल अग्रवाल के माध्यम से सत्र न्यायालय (Sessions Court) में अपील दायर की थी।
अपील के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि मामला सुलझाया जा सकता है। न्यायालय ने कानूनी प्रावधानों के तहत दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया।
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भुगतान और समझौते के बाद मिली रिहाई:
अपील के विचारण के दौरान, आरोपी पीयूष गुप्ता ने वादी शकील अहमद को संबंधित धनराशि का भुगतान कर दिया। दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता होने और वादी द्वारा सहमति जताने के बाद, एडीजे-24 माननीय खुशतर दानिश ने मामले का निस्तारण करते हुए आरोपी को बरी कर दिया।
न्यायालय के इस आदेश के साथ ही निचली अदालत द्वारा दी गई सजा का आदेश निष्प्रभावी हो गया है।
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