आगरा:
जनपद के विशेष न्यायालय (SC/ST एक्ट) ने सामूहिक दुराचार, पॉक्सो एक्ट और दलित उत्पीड़न के एक अत्यंत गंभीर मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है।
विशेष न्यायाधीश माननीय शिव कुमार ने थाना इरादत नगर पुलिस को आरोपियों के विरुद्ध तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करने के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला ?
मामले के अनुसार, पीड़िता की माँ (वादनी) ने अपने अधिवक्ता अशोक कुमार के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।
आरोप है कि 11 जनवरी 2026 को वह अपनी 15 वर्षीया पुत्री के साथ मोटरसाइकिल से अपनी बहन के घर गई थी।
शाम करीब 6:30 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी कुर्रा चित्तरपुर के समीप आरोपियों ने तमंचे के बल पर मोटरसाइकिल रुकवा ली और किशोरी को खींचकर खेत में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुराचार (Gangrape) किया।
Also Read – फर्जी प्रमाणपत्र पर PAC में नौकरी पाने वाले को 33 साल बाद आगरा कोर्ट ने सुनाई जेल की सजा

पुलिस की निष्क्रियता और कोर्ट का हस्तक्षेप:
पीड़िता के परिवार का आरोप है कि इस जघन्य अपराध की जानकारी देने के बावजूद थाना इरादत नगर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़िता की माँ को न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
अदालत ने माना कि मामला प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर है और पुलिस को इस पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच करनी चाहिए थी।
आरोपियों की पहचान और पिछला आपराधिक इतिहास:
अदालत ने निम्नलिखित आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं:
रुपेश पुत्र श्री भगवान (निवासी वृथला, इरादत नगर),शेर सिंह पुत्र हरी सिंह (निवासी नगला माकरोल, मलपुरा),राकेश मंगल पुत्र चंदन सिंह मंगल (निवासी नगला बिरजा, कागारोल) याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्य आरोपी रुपेश पहले भी पीड़िता के साथ ऐसी घटना कर चुका है, जिसका मुकदमा न्यायालय में पहले से ही लंबित है।
न्यायालय का कड़ा रुख:
विशेष न्यायाधीश माननीय शिव कुमार ने मामले की गंभीरता और आरोपियों के पिछले इतिहास को देखते हुए थानाध्यक्ष इरादत नगर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करें और मामले की निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करें।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम आगरा का सहारा समूह की कंपनियों पर सख्त रुख: निवेशकों का पैसा ब्याज सहित लौटाने का आदेश - July 1, 2026
- आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम ने दिखाई सख्ती: डिजिटल वर्ल्ड के खिलाफ 1.17 लाख रुपये की आरसी जारी, जिलाधिकारी को वसूली के दिए आदेश - June 30, 2026
- 18 साल बाद विद्युत चोरी के मामले में आरोपी बरी, अदालत ने बिजली विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर की तीखी टिप्पणी - June 30, 2026




