आगरा:
एक 3 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में सभी गवाहों के अदालत में अपने बयान से मुकर जाने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने आरोपी को बरी कर दिया है।
अदालत ने इस मामले में पीड़िता की मां, जो खुद शिकायतकर्ता थी, के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
क्या थी घटना ?
यह मामला 9 अप्रैल 2020 का है। आगरा के बाह थाना क्षेत्र में एक मां ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी अजय, उसकी 3 साल की बेटी को अपने घर के पीछे ले गया और उसके साथ अश्लील हरकत की।
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शिकायत में मां ने बताया कि उसने और उसकी सास ने खुद आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा था, जिसके बाद वह मौके से भाग गया। बच्ची उस समय रो रही थी।
शिकायत में मां ने यह भी लिखा था कि उसके परिवार वाले समझौते के लिए दबाव बना रहे थे, लेकिन वह अपनी बच्ची को न्याय दिलाना चाहती थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अदालत में क्या हुआ ?
इस मामले में अदालत ने गवाहों के बयान दर्ज किए, जिनमें पीड़िता, उसकी मां, उसके पिता और दादी शामिल थे। लेकिन सुनवाई के दौरान सभी गवाह अपने पहले के बयानों से मुकर गए।
सभी गवाहों के मुकर जाने के कारण आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं बचा। बचाव पक्ष के वकील राघवेंद्र सिंह चौहान के तर्कों को स्वीकार करते हुए, अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी अजय को बरी कर दिया।
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मां पर होगी कानूनी कार्रवाई:
अदालत ने गवाहों के मुकरने पर सख्त रुख अपनाते हुए शिकायतकर्ता यानी बच्ची की मां के खिलाफ पोक्सो अधिनियम की धारा 22 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है।
यह धारा झूठी शिकायत या झूठी गवाही देने पर लगाई जाती है। इस आदेश के बाद अब मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
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