वादनी मुकदमा का पति फिनलैंड में टाटा टीसीएस कंपनी में है कार्यरत
शादी में वादनी के परिजनों द्वारा 50 लाख रुपये खर्च करने पर भी नहीं था सन्तुष्ट
दस लाख की मांग के लिये ससुरालीजनों द्वारा किया जाता था उत्पीड़ित
प्रतिमाह 4 लाख 50 हजार रुपये वेतन पाता हैं विपक्षी
वादनी के पति के अदालत में हाजिर नहीँ होने पर पारित हुआ एकपक्षीय आदेश
आगरा 25 मार्च ।
परिवार न्यायाधीश ने एनआरआई पति से उसकीं पत्नी के भरण पोषण हेतु 40 हजार रुपये प्रतिमाह दिलानें के आदेश पारित किये हैं ।
वादनी मुकदमा के पति के अदालत में हाजिर नहीँ होने पर पर प्रधान परिवार न्यायाधीश ने माननीय तृप्ता चौधरी ने एकपक्षीय आदेश पारित किये।
मामले कें अनुसार थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की युवती की शादी वर्ष 2021 में जनपद गाजियाबाद निवासी युवक के साथ हुई थी। वादनी के अनुसार शादी में उसके परिजनों द्वारा 50 लाख रुपये खर्च करनें कें बाद भी उसके ससुरालीजन सन्तुष्ट नहीँ हुये। उनके द्वारा अतिरिक्त दहेज कें रूप में दस लाख की मांग के लिये उत्पीड़ित किया जाता था।
निरन्तर उत्पीड़न से परेशान हो वादनी ने अपने खातें से दो लाख रुपये निकाल ससुरालीजनों को दिये परन्तु वह सन्तुष्ट नहीँ हुये। फिनलैंड में टाटा, टीसीएस कंपनी में कार्यरत पति को भारतीय मुद्रा के अनुसार 4 लाख 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता हैं । वर्ष 2021 में वह पति के साथ फिनलैंड जा दस माह उसके साथ रही। गर्भवती होने पर ससुरालजनों द्वारा उसका गर्भपात करा दिया गया।

वर्ष 2022 में गाजियाबाद आने पर ससुरालीजनों द्वारा बकाया 8 लाख के लिये वादनी पर दबाब बनाना शुरू कर दिया। असमर्थता जताने पर ससुरालीजन 26 अक्टूबर 2022 को वादनी को मारपीट कर मायकेँ छोड़ गये। 13 अप्रेल 23 को वादनी के ससुराल जाने पर उसे ससुरालीजनों ने घर में नहीँ घुसने दिया।
पुलिस की मौजूदगी में घर में प्रवेश कर ससुराल से वादनी अपनी एमबीए की डिग्री एवं अन्य शिक्षा प्रमाणपत्र लेकर आगरा आई। वादनी नें स्वयं को बेरोजगार बता भरण पोषण की अदालत से मांग की गई थी।
उक्त मामलें मे वादनी के पति के अदालत में हाजिर हो अपना पक्ष नहीँ प्रस्तुत नहीँ करने पर मुख्य परिवार न्यायाधीश ने वादनी को उसके पति से 40 हजार रुपये प्रतिमाह भरण पोषण हेतु दिलाने के आदेश पारित कियें।
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