आगरा/प्रयागराज, 4 जुलाई, 2025 ।
वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद विवाद से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहा है, जिसकी अगली सुनवाई अब 6 अगस्त को होगी। यह सुनवाई ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग को छोड़कर, वज़ूखाने के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सर्वे की मांग से संबंधित है।
श्रृंगार गौरी केस की पक्षकार राखी सिंह ने इस संबंध में एक सिविल रिवीजन याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने 21 अक्टूबर 2023 के वाराणसी सिविल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।
वाराणसी कोर्ट ने एएसआई को ज्ञानवापी मस्जिद के वज़ूखाना क्षेत्र का सर्वे करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हिंदू पक्ष का दावा है कि वज़ूस्थल में मौजूद संरचना शिवलिंग है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे फव्वारा बताता है।
इसी के साथ, हाईकोर्ट प्राचीन मूर्ति स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर व चार अन्य द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई कर रहा है। यह याचिका 1991 के स्वयंभू लार्ड आदिविशेश्वर वाद में अतिरिक्त वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग के लिए दाखिल की गई है।
इस मामले में 15 अप्रैल को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने विपक्षी अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच इन दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई कर रही है, क्योंकि कोर्ट ने राखी सिंह की याचिका को इस मामले से संबद्ध कर दिया है।
गौरतलब है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है, जहां से एक अंतरिम आदेश के तहत निचली अदालतों को सर्वेक्षण के आदेश सहित कोई भी प्रभावी अंतरिम या अंतिम आदेश पारित करने पर रोक लगी हुई है।
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