आगरा:
व्यापारिक लेनदेन में धोखाधड़ी और चैक बाउंस होने के एक मामले में आगरा की एक अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-7 माननीय अनुज कुमार सिंह ने 5 लाख रुपये के चैक डिसऑनर मामले में आरोपी वंशी लाल चौधरी को अदालत में पेश होने के लिए तलब किया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
बलकेश्वर कॉलोनी (थाना कमला नगर) निवासी वीरेश सिंह ने अपने अधिवक्ता अनिल अग्रवाल के माध्यम से न्यायालय में मुकदमा दायर किया था।
मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
* व्यापारिक सौदा: आरोपी वंशी लाल चौधरी (निवासी खंदारी) ने 10 नवंबर 2021 को अपनी मीट शॉप के लिए वादी से 4,348 किलोग्राम पिग 115 रुपये प्रति किलो की दर से उधार लिए थे।
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* भुगतान में देरी: इस माल की कुल कीमत 5 लाख रुपये थी। आरोप है कि माल लेने के बाद आरोपी ने कई वर्षों तक भुगतान टाल दिया।
* चैक हुआ बाउंस: लगातार तगादे के बाद आरोपी ने 1 जुलाई 2024 को 5 लाख रुपये का एक चैक दिया, जो बैंक में लगाने पर डिसऑनर (बाउंस) हो गया।
अदालत का आदेश:
वादी के अधिवक्ता के तर्कों और साक्ष्यों को सुनने के बाद, मजिस्ट्रेट माननीय अनुज कुमार सिंह ने आरोपी वंशी लाल चौधरी के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार पाते हुए उसे समन जारी कर अदालत में तलब किया है।
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