आगरा।
बैंकों की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए एक नजीर पेश करते हुए ‘जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग’ प्रथम ने एक्सिस बैंक के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाया है।
बैंक द्वारा सावधि जमा (FD) की राशि का भुगतान 16 दिन की देरी से करने पर आयोग ने बैंक को ब्याज सहित मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
क्या था मामला ?
कमला नगर एक्सटेंशन निवासी दिनेश शर्मा ने एक्सिस बैंक की बेलनगंज (भैरो बाजार) शाखा में वर्ष 2022 में अपनी गाढ़ी कमाई सावधि जमा (FD) के रूप में निवेश की थी।
इस जमा राशि की परिपक्वता (Maturity) तिथि 21 जनवरी 2025 थी। नियमानुसार बैंक को इसी तिथि पर भुगतान करना था, लेकिन बैंक प्रबंधन ने इसमें लापरवाही बरतते हुए 16 दिन के विलंब के बाद धनराशि वापस की।
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जागरूक उपभोक्ता ने खटखटाया आयोग का दरवाजा:
भुगतान में देरी होने पर उपभोक्ता दिनेश शर्मा ने हार नहीं मानी और अपने अधिवक्ता प्रवीन कुमार गौतम के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (प्रथम) में परिवाद दायर किया।
उन्होंने तर्क दिया कि बैंक ने उनकी धनराशि का 16 दिनों तक बिना किसी सूचना के उपयोग किया, जिसका ब्याज उन्हें मिलना चाहिए।
उपभोक्ता आयोग का कड़ा फैसला:
आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार एवं सदस्य राजीव सिंह ने मामले की सुनवाई की।
वादी के अधिवक्ता के तर्कों को सही मानते हुए आयोग ने बैंक की सेवा में कमी पाई और निम्नलिखित आदेश पारित किए:
* ब्याज का भुगतान: बैंक को 16 दिन के विलंब के लिए 13,808/- रुपये ब्याज के रूप में देने होंगे।
* मानसिक कष्ट एवं वाद व्यय: उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के बदले बैंक अतिरिक्त 10,000/- रुपये का हर्जाना भी देगा।
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