आगरा/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चर्चित एएसपी (ASP) अनुज चौधरी और तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत अन्य पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत दी है।
कोर्ट ने संभल की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत द्वारा इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
मामले की मुख्य बिंदु:
* हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने संभल सीजेएम कोर्ट द्वारा 9 जनवरी को दिए गए आदेश पर रोक लगाई है।
* पिछली कार्रवाई: संभल के सीजेएम माननीय विभांशु सुधीर ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 156(3) के तहत एएसपी अनुज चौधरी और 20 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
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* याचिकाकर्ता का पक्ष: अनुज चौधरी और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल याचिका में निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने दलीलों को सुनने के बाद पुलिस अधिकारियों को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।
* विपक्ष से जवाब तलब: कोर्ट ने इस मामले के शिकायतकर्ता, यामीन, को नोटिस जारी कर दोनों याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
आगे की कार्यवाही:
माननीय न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए पाँच हफ्ते बाद की तिथि निर्धारित की है। तब तक संभल कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक जारी रहेगी।
पृष्ठभूमि: यह मामला संभल में पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है, जिसे लेकर शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
एएसपी अनुज चौधरी एक चर्चित पुलिस अधिकारी हैं और अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित हो चुके हैं।
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