आगरा/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महोबा के पूर्व पुलिस अधीक्षक (SP) मणिलाल पाटीदार को एक बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अगले आदेश तक अंतरिम रोक लगा दी है।
कोर्ट ने इस मामले में संबंधित पक्षों को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला 22 जुलाई 2021 को महोबा के कोतवाली थाने में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है। महोबा के कुलपहाड़ के तत्कालीन सीओ तेजबहादुर सिंह ने मणिलाल पाटीदार के खिलाफ आईपीसी की धारा 174-A (अदालती आदेश की अवहेलना और फरार घोषित होने के बावजूद उपस्थित न होना) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
याद दिला दें कि क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या के मामले में नामजद होने के बाद मणिलाल पाटीदार करीब दो साल तक फरार रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन पर यह कार्रवाई की थी।
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हाईकोर्ट का हस्तक्षेप:
पूर्व एसपी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने ट्रायल कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे की संपूर्ण कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है।
* न्यायाधीश: जस्टिस संजय कुमार पचौरी की सिंगल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
* कोर्ट का आदेश: अदालत ने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।
* अगली सुनवाई: इस मामले की अगली सुनवाई अब आठ हफ्ते बाद तय की गई है।
ज्ञातव्य है कि मणिलाल पाटीदार पर भ्रष्टाचार और हत्या के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें लंबे समय तक जेल में भी रहना पड़ा था। अब हाईकोर्ट के इस रुख से उन्हें विधिक प्रक्रिया में एक बड़ी अंतरिम राहत मिली है।
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