LIC को बड़ा झटका ! ‘जीवन शांति’ पॉलिसी से गलत कटौती पर आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम ने ग्राहक को 40,009 रुपये लौटाने का दिया आदेश, मानसिक पीड़ा के लिए 10,000/- का जुर्माना भी

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आगरा।

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम, आगरा के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने एक महत्वपूर्ण फैसले में लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) को ‘सेवा में कमी’ और ‘अनुचित व्यापार संव्यवहार’ का दोषी पाते हुए एक पॉलिसीधारक को गलत तरीके से काटी गई राशि ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया है।

आयोग ने LIC के खिलाफ परिवादी विजेन्द्र कुमार द्वारा दायर वाद (परिवाद संख्या- 69/2025) पर यह निर्णय सुनाया है।

मामला क्या था ?

* पॉलिसी विवरण: परिवादी विजेन्द्र कुमार ने 12 अक्टूबर 2018 को LIC की ‘जीवन शांति प्लान (टेबिल संख्या 850)’ 10,00,000/- (दस लाख रुपये) के एकमुश्त प्रीमियम पर खरीदी थी।

* विकल्प ‘एफ’ का चयन: परिवादी ने इस पॉलिसी में विकल्प ‘एफ’ (Immediate Annuity for life with return to purchase price) चुना था, जिसके तहत बीमाधारक को क्रय मूल्य (purchase price) वापस पाने का अधिकार होता है।

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* बीमारी के कारण सरेंडर: परिवादी ने अपनी बीमारी के इलाज के लिए धन की आवश्यकता होने पर 27 जनवरी 2025 को पॉलिसी सरेंडर करने का आवेदन दिया।

* गलत कटौती: पॉलिसी खरीदते समय LIC के कर्मियों द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि सरेंडर पर पूरा मूलधन बिना किसी कटौती के वापस किया जाएगा। हालांकि, LIC ने परिवादी के मूलधन ₹10,00,000/- में से ₹40,009/- की कटौती करके केवल ₹9,59,991/- ही वापस किए।

उपभोक्ता आयोग का फैसला:

मा० अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने पाया कि LIC द्वारा कटौती से संबंधित अपवर्जन शर्त (Terms of Exclusion) की सूचना पॉलिसीधारक को स्पष्ट रूप से नहीं दी गई थी और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर थे।

आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए निष्कर्ष निकाला कि अपवर्जन शर्त की स्पष्ट सूचना के अभाव में बीमा कंपनी कटौती नहीं कर सकती। इसलिए, LIC द्वारा कटौती करना सेवा में कमी है।

LIC को ये भुगतान करने का आदेश:

उपभोक्ता आयोग ने LIC को निम्नलिखित भुगतान करने का आदेश दिया है:

* कटी गई राशि की वापसी: गलत तरीके से काटी गई राशि ₹40,009/-।

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* ब्याज: परिवाद प्रस्तुत करने की तारीख (09.04.2025) से वास्तविक भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज।

* मानसिक पीड़ा क्षतिपूर्ति: मानसिक कष्ट के लिए ₹10,000/- (दस हजार रुपये)।

* वाद व्यय: मुकदमे के खर्च के रूप में ₹5,000/- (पाँच हजार रुपये)।

आयोग ने आदेश दिया है कि LIC यह समस्त भुगतान निर्णय की तिथि (08.10.2025) से 45 दिनों के भीतर करे। यदि LIC इसमें चूक करती है, तो परिवादी संपूर्ण राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज प्राप्त करने का हकदार होगा।

Attachment/Order/Judgement – vijendra

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विवेक कुमार जैन
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