आगरा: 26 जून ।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने अमेजन इंडिया, बेंगलुरु के जनरल मैनेजर और अन्य को एक उपभोक्ता को आईफ़ोन की कीमत 63,999/- रुपये मुकदमे की तारीख से 8 प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, आयोग ने मानसिक कष्ट और मुकदमे के खर्च के रूप में 10,000/- रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है।
यह मामला डॉ. ध्रुव दत्त पाठक, निवासी जनता कॉलोनी, भोगीपुरा, शाहगंज द्वारा दायर किया गया था। डॉ. पाठक ने 4 अप्रैल 2018 को अमेजन इंडिया से ऑनलाइन ऑर्डर कर 63,999/- रुपये का भुगतान करके एक ऐपल आईफ़ोन 8 प्लस, 64 GB बुक किया था।
6 अप्रैल 2018 को अमेजन ने ईमेल के माध्यम से ऑर्डर रद्द कर दिया। उसी दिन दोपहर 3:41 बजे, विपक्षी ने पुष्टि की कि यदि डिलीवरी प्राप्त होती है, तो उसे बिना स्वीकार किए वापस कर दिया जाए। यदि उनकी अनुपस्थिति में पैकेट डिलीवर हो जाता है, तो उसे वापस कर दें और सपोर्ट सेंटर में प्राप्त होने पर पूरा भुगतान वापस कर दिया जाएगा।
वादी को कोई पैकेट प्राप्त नहीं हुआ। हालांकि, 16 अप्रैल 2018 को एक अनजान महिला उनके गेट पर पैकेट लेकर आई और बताया कि एक लड़के ने कूरियर से उनका पैकेट दे दिया है।
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चूंकि कूरियर कंपनी ने वादी के हस्ताक्षर के बिना महिला को डिलीवरी दे दी थी, डॉ. पाठक ने तुरंत ग्राहक सहायता हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दी और पैकेट वापस मंगवाने को कहा। विपक्षी ने उन्हें पोस्ट ऑफिस के माध्यम से भेजने को कहा, जिस पर 17 अप्रैल 2018 को पैकेट भेज दिया गया। 19 अप्रैल 2018 को विपक्षी को पैकेट मिल गया, लेकिन वादी को भुगतान वापस नहीं मिला।
कई बार शिकायत के बाद भी रिफंड नहीं मिला। 8 मई 2018 को ईमेल द्वारा बताया गया कि उन्हें पैकेट के अंदर फोन प्राप्त नहीं हुआ है, जिस कारण रिफंड नहीं दिया जा सकता।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार ने इस मामले में वादी को आदेश पारित होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर, 2 जुलाई 2020 (मुकदमा दायर करने की तारीख) से 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित मोबाइल की कीमत 63,999/- रुपये के अतिरिक्त मानसिक कष्ट और मुकदमे के खर्च के रूप में दस हजार रुपये दिलाने का आदेश दिया। मुकदमे की पैरवी अधिवक्ता नरेश कुमार शर्मा ने की।
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