आगरा/प्रयागराज 26 अक्टूबर ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पांच महीने से जेल में बंद दुष्कर्म व पॉक्सो के आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है।
न्यायालय ने कहा है कि शर्तों के उल्लंघन पर ट्रायल कोर्ट को जमानत रद्द करने का अधिकार है।
यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने अनुराग कुमार की अर्जी पर दिया।
प्रयागराज के सोरांव थाना में 30 मार्च 2024 को आरोपी पर दुष्कर्म व पॉक्सो सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को बहलाफुसला कर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

याची के वकील अमिताभ पटेल ने दलील दी कि याची को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। पीड़िता व वादिनी के बयान में विरोधभास है। चिकित्सीय जांच में पीड़िता के शरीर पर किसी प्रकार की आंतरिक व वाह्य चोट नहीं पाई गई। अन्य कई दलीलें दीं।
वहीं शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सशर्त जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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