आगरा /प्रयागराज १७ अप्रैल ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत तथ्यों के साथ दो बार याचिका दायर करने वाले याची रवीन्द्र कुमार सिंह पर 25 हजार रूपए हर्जाना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी है।
जिलाधिकारी जौनपुर को चार हफ्ते में हर्जाना राशि वसूल कर हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति में महानिबंधक के मार्फत जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा याची ने गलत बयानी कर कपट किया है। कोई एक्शन लेने के बजाय हर्जाने के साथ याचिका खारिज कर दी।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकलपीठ ने रवीन्द्र कुमार सिंह की याचिका विपक्षी अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह की आपत्ति पर खारिज करते हुए दिया है।
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याचिका में गांव सभा की जमीन का घोटाला करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने, पांच सदस्यीय जांच कमेटी को बहाल कर रिपोर्ट मंगाने एवं विपक्षियों को अनुचित तौर पर आवंटित राशि की वसूली करने की मांग की गई थी।
विपक्षी अधिवक्ता ने कहा इससे पहले भी याचिका दायर की थी। कोर्ट ने जब याची की सत्यता पर हलफनामा मांगा तो याचिका वापस ले ली और उन्हीं तथ्यों को लेकर दुबारा याचिका दायर की।
दोनों बार गलत तथ्यों को लेकर याचिका दायर की ।जिसे कोर्ट ने कपट माना और हर्जाना लगाया है।
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