आगरा।
जनपद के अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या 8 ने बाइक चोरी के मामले में निरुद्ध दो अभियुक्तों, घनश्याम और ललित उर्फ चीता की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
यह आदेश न्यायाधीश माननीय रविकान्त-द्वितीय द्वारा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पारित किया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी हेमंत कुमार ने 19 अप्रैल 2026 को मलपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 18 अप्रैल को उनकी मोटरसाइकिल मलपुरा नहर के पास स्थित एक कैंटीन के बाहर से चोरी हो गई थी।
पुलिस ने जांच के दौरान मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) और 317(2) के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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अभियुक्तों के विद्वान अधिवक्ता संदीप सिंह ने न्यायालय में तर्क दिया कि उनके मुवक्किलों को गलत तरीके से फंसाया गया है।
दलील दी गई कि आरोपी प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद नहीं थे और कथित बरामदगी के समय कोई स्वतंत्र जनसाक्षी मौजूद नहीं था।
यह भी बताया गया कि अभियुक्त 20 अप्रैल 2026 से जेल में निरुद्ध हैं।
अदालत ने पाया कि घनश्याम का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, जबकि ललित उर्फ चीता एक अन्य मामले में पहले से ही जमानत पर है।
न्यायालय ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए बिना गुण-दोष पर टिप्पणी किए दोनों प्रार्थीगण को पचास-पचास हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि की दो-दो प्रतिभूतियां जमा करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
जमानत की शर्तों के तहत अभियुक्तों को विवेचना और विचारण में सहयोग करना होगा, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी होगी और न्यायालय की प्रत्येक तिथि पर उपस्थित रहना होगा।
इन शर्तों के उल्लंघन पर न्यायालय जमानत निरस्त करने के लिए स्वतंत्र होगा।
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