आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (प्रथम) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में ई-वी (इलेक्ट्रिक) स्कूटर निर्माता कंपनी और डीलर को आदेश दिया है कि वे ग्राहक को या तो नया स्कूटर प्रदान करें या फिर स्कूटर की कीमत ब्याज सहित वापस करें।
आयोग ने सेवा में कमी पाते हुए पीड़ित उपभोक्ता को मानसिक कष्ट के लिए क्षतिपूर्ति दिलाने के भी आदेश दिए हैं।
आयोग का मुख्य आदेश:
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार एवं सदस्य राजीव सिंह ने विपक्षी ‘श्री कृष्णा ऑटो मोबाइल’ (डीलर) और स्कूटर निर्माता कंपनी (छपरोला, गौतम बुद्ध नगर) को संयुक्त रूप से आदेशित किया है कि:
* विकल्प 1: वादी को उसी मॉडल का नया स्कूटर प्रदान करें।
* विकल्प 2: यदि नया स्कूटर नहीं देते हैं, तो स्कूटर की कीमत 48,000/- रुपये, वाद दायर करने की तिथि (29 मार्च 2022) से 6% वार्षिक ब्याज के साथ अदा करें।
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* अतिरिक्त राहत: वादी को मानसिक कष्ट और वाद व्यय के रूप में 10,000/- रुपये का भुगतान भी किया जाए।
इस आदेश का अनुपालन 45 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है।
क्या था मामला ?
ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी ललितेश गुप्ता उर्फ ललित गुप्ता ने 3 सितंबर को श्री कृष्णा ऑटो मोबाइल से 48,000/- रुपये में एक ‘क्यां न मोड्स’ (Kyaan Modes) ई-वी स्कूटर खरीदा था। डीलर ने दावा किया था कि स्कूटर एक बार चार्ज करने पर 80 किलोमीटर चलेगा।
शिकायत के मुख्य बिंदु:
* खरीदने के महज एक हफ्ते बाद ही स्कूटर खराब हो गया।
* डीलर ने दो बार चार्जर बदला, लेकिन घर ले जाते ही स्कूटर फिर से बंद हो गया।
* बार-बार रिपेयरिंग और सर्विस स्टेशन के चक्कर काटने के बावजूद स्कूटर की तकनीकी खराबी दूर नहीं हुई।
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विधिक कार्रवाई:
थक-हारकर पीड़ित ने अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा एवं विकास राय के माध्यम से उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माना कि कंपनी और डीलर द्वारा दोषपूर्ण उत्पाद बेचा गया और उचित सेवा प्रदान नहीं की गई।
इसी के आधार पर आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में यह निर्णायक फैसला सुनाया।
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