आगरा 08 मार्च ।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, उ० प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद आगरा में किया गया, जिसका उद्घाटन जनपद न्यायाधीश माननीय विवेक संगल द्वारा दीप प्रज्वलन कर माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर किया गया।
इस कार्यक्रम में माननीय तृप्ता चौधरी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, आगरा, माननीय नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, आगरा, माननीय अनिल कुमार सिंह-प्रथम, पीठासीन अधिकारी, कॉमर्शियल कोर्ट-प्रथम, आगरा, माननीय पंकज मिश्र, पीठासीन अधिकारी, कॉमर्शियल कोर्ट-द्वितीय, आगरा, माननीय महेश नोटियाल, पीठासीन अधिकारी, भू-अर्जन भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्राधिकरण, आगरा एवं माननीय राजेन्द्र प्रसाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-प्रथम, आगरा माननीय रविकान्त, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-तृतीय, आगरा, माननीय अमरजीत सिंह, नोडल अधिकारी/अपर जिला जज, न्यायालय संख्या-26, आगरा, माननीय डॉ० दिव्यानन्द द्विवेदी, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा, संजीव त्यागी, अपर पुलिस आयुक्त, आगरा एवं समस्त न्यायिक अधिकारीगण, विभिन्न बैंक, मोबाइल कंपनियों के अधिकारी / प्रतिनिधि, वादकारीगण, पत्रकारगण, मीडियाकर्मीगण, पराविधिक स्वयं सेवक एवं कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश एवं अपर जनपद न्यायाधीशगण द्वारा अन्य प्रकृति के 382 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें जुर्माना धनराशि 2,44,700/- अधिरोपित की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय व अतिरिक्त परिवार न्यायालयों द्वारा 97 वादों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी मोटर दुघर्टना दावा अधिकरण के द्वारा 140 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें पीड़ित पक्षों को 10,21,89,871/- रूपये की प्रतिपूर्ति धनराशि प्रदान की गई।

इस लोक अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट / अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट / सिविल जज/अपर सिविल जज / न्यायिक मजिस्ट्रेट व अन्य न्यायालयों द्वारा कुल- 25560 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें जुर्माना धनराशि- 5,74,41,570/- रूपये अधिरोपित की गई। इसके अतिरिक्त जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग-प्रथम व द्वितीय, स्थायी लोक अदालत, कॉमर्शियल कोर्ट-प्रथम व द्वितीय के द्वारा कुल 37 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें धनराशि- 68,73,162/- रूपये अधिरोपित की गयी।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी कचहरी, आगरा के अलावा तहसील स्तर पर भी किया गया, जिसमें राजस्व से सम्बन्धित कुल 292660 वादों का निस्तारण कलेक्ट्रेट एवं तहसील स्तर के न्यायालयों द्वारा किया गया तथा यातायात चालान कुल-6086 तथा अन्य प्री-लिटिगेशन से सम्बन्धित कुल 343155 वादों का निस्तारण किया गया।

इस लोक अदालत में विभिन्न बैंकों भारतीय स्टेट बैंक, यूकों बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावत, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सिडिकेट बैंक, भारतीय संचार निगम लिमिटेड, अन्य फाइनेन्स कम्पनी आदि के कुल 1244 वादों का निस्तारण प्री-लिटिगेशन लोक अदालत के माध्यम से किया गया, जिसमें समझौता धनराशि- 16,49,71,000/- रूपये सम्मिलित है।
इस आयोजन में आने वाले आम जनमानस की सुविधा हेतु जगह-जगह पूछताछ केन्द्र बनाये गये जिस पर नामित अधिवक्तागण एवं पराविधिक स्वयं सेवकों की उपस्थिति सुनिश्चित की गयी। वादीगण द्वारा अपने वादों के निस्तारण हेतु अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित आये न्यायालय परिसर में वादकारीगण / अधिवक्तागण की चहल-पहल रही तथा शान्ति व्यवस्था में पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में तैनात रहा। राष्ट्रीय लोक अदालत के निस्तारण हेतु बैंक व मोबाइल कंपनियों से संबंधित मामलों से सम्बद्ध पीठों की स्थापना की गई जिनके द्वारा प्रीलिटिगेशन के माध्यम से वादों का निस्तारण किया गया।
इस प्रकार जनपद आगरा में जिला मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर आज दिनांक 08.03.2025 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 669361 वादों का निस्तारण किया गया।
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