आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग और राज्य उपभोक्ता आयोग ने एक दशक से भी पुराने कार दुर्घटना बीमा क्लेम के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।
इस कानूनी लड़ाई के अंत में, बीमा कंपनी द्वारा सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर तय की गई राशि को ही अंतिम माना गया है।
क्या था पूरा मामला ?
डॉ. मुकुल चंद्रा ने अपनी होंडा एकॉर्ड कार (संख्या UP 80 X 2425) का बीमा न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से कराया था।
5 जून 2003 को कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसकी मरम्मत में पीड़ित के अनुसार ₹98,489/- खर्च हुए थे।
हालांकि, बीमा कंपनी ने सर्वेयर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए केवल ₹23,470/- का क्लेम स्वीकार किया, जिसे परिवादी ने ‘सेवा में कमी’ बताते हुए 22 दिसंबर 2004 को उपभोक्ता फोरम में चुनौती दी।
Also Read – दलित उत्पीड़न और घातक हमले के मामले में महिला अभियुक्ता की जमानत मंजूर

कानूनी कार्यवाही का सफर:
* जिला आयोग का निर्णय (2014): जिला आयोग ने 17 अप्रैल 2014 को फैसला सुनाते हुए कंपनी को आदेश दिया कि वह सर्वेयर द्वारा तय राशि के अतिरिक्त ₹36,530/- और 7% वार्षिक ब्याज का भुगतान करे।
* राज्य आयोग की अपील (2024): इस आदेश के खिलाफ बीमा कंपनी ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की। 20 सितंबर 2024 को राज्य आयोग ने पाया कि परिवादी ने सर्वेयर की रिपोर्ट को गलत साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया था।
अतः आयोग ने जिला आयोग के आदेश को संशोधित करते हुए केवल सर्वेयर द्वारा मूल्यांकित ₹23,470/- की राशि को ही 7% ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया।
अंतिम निष्पादन और भुगतान:
मामले के अंतिम निस्तारण के दौरान, जिला उपभोक्ता आयोग (प्रथम) आगरा ने 10 अक्टूबर 2025 को आदेश जारी किया कि बीमा कंपनी द्वारा पूर्व में जमा की गई एफडीआर (FDR) की परिपक्वता राशि से ₹54,685/- (मूलधन मय ब्याज) का भुगतान डॉ. मुकुल चंद्रा को अकाउंट पेयी चेक के माध्यम से किया जाए।
पंजाब नेशनल बैंक द्वारा जारी चेक संख्या 097345 के माध्यम से ₹39,072/- की राशि का भुगतान आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह द्वारा डॉक्टर मुकेश चंद्र को दिया गया जिसके साथ ही इस लंबी चली कानूनी प्रक्रिया का समापन हुआ।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- केनरा बैंक द्वारा ओटीएस लाभ देने से इंकार करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, बैंक की दंडात्मक कार्रवाई पर लगाई रोक - May 15, 2026
- आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम ने दूसरे के बिजली बिल की वसूली के लिए टोरेंट पॉवर द्वारा भेजे गए नोटिस को अवैध ठहराते हुए किया निरस्त - May 15, 2026
- विद्युत स्कूटर की मरम्मत न करना सेवा में कमी, आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम ने दिया नई स्कूटी या राशि वापसी का आदेश - May 15, 2026




