आगरा:
एक चेक डिसऑनर (Cheque Dishonour) मामले में आरोपी रेलवे कर्मी चंद्रकांत यादव को एसीजेएम-2 माननीय बटेश्वर कुमार की अदालत ने मुकदमे के विचारण (trial) के लिए तलब करने के आदेश दिए हैं।
मामला दर्ज और आरोप:
* आरोपी: चंद्रकांत यादव पुत्र प्रताप सिंह, निवासी ग्राम त्रिलोकपुर, जिला फिरोजाबाद (रेलवे विभाग में कार्यरत)।
* न्यायालय: एसीजेएम-2 माननीय बटेश्वर कुमार की अदालत।
* आरोप: चेक डिसऑनर (धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम)।
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मामले के अनुसार, वादी मोहित परमार पुत्र चंदन सिंह, निवासी पटेल नगर जीवनी मंडी, जिला आगरा और आरोपी चंद्रकांत यादव के बीच मित्रता थी।
इसी मित्रता के चलते, रेलवे कर्मी चंद्रकांत यादव ने वादी मोहित परमार से ₹1,80,000/- (एक लाख अस्सी हजार रुपये) उधार लिए थे और जल्द ही वापस करने का वादा किया था।
चेक हुआ डिसऑनर:
जब वादी मोहित परमार ने विपक्षी चंद्रकांत यादव से अपनी उधार दी गई राशि वापस करने के लिए तकादा किया, तो आरोपी ने उन्हें भुगतान के लिए चेक दिए।
हालांकि, ये चेक बैंक में डिसऑनर हो गए।इसके बाद, वादी मोहित परमार ने अपने अधिवक्ता बलवीर सिंह धाकरे के माध्यम से चंद्रकांत यादव को कानूनी नोटिस भेजा।
नोटिस के बावजूद जब भुगतान नहीं किया गया, तो वादी ने अदालत में मुकदमा दायर किया।
अदालत का आदेश:
अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए, आरोपी चंद्रकांत यादव को मुकदमे के विचारण हेतु अदालत में तलब करने का आदेश जारी किया है।
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