आगरा:
आगरा के जिला एव सत्र न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक की अदालत ने धोखाधड़ी और चोरी के आरोप में गिरफ्तार लुटेरी दुल्हन अंतिमा को सशर्त जमानत दे दी।
अंतिमा को उसके पति, वादी अमन जैन, की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। वह 19 अक्टूबर, 2025 से जेल में बंद थी।
मामले का विवरण और कोर्ट का अवलोकन:
वादी अमन जैन ने थाना रकाबगंज, आगरा में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बिचौलियों ने अंतिमा जैन के साथ उसकी शादी धोखाधड़ी से कराई।
वादी का आरोप था कि शादी में उससे और बिचौलियों व अंतिमा द्वारा डेढ़ लाख रुपये लिए गए थे। शिकायत के अनुसार, अंतिमा 19 अक्टूबर, 2025 को घर से पाँच हजार रुपये चोरी करके भाग रही थी, जिसे उसने अन्य लोगों की मदद से पकड़ा।
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हालांकि, कोर्ट ने जमानत याचिका पर विचार करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया:
* 1.5 लाख रुपये के लेन-देन पर संदेह: न्यायालय ने पाया कि इस स्तर पर उपलब्ध दस्तावेजों या साक्ष्यों में ऐसा कोई प्रलेख या साक्ष्य विद्यमान नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि वादी द्वारा अंतिमा या किसी अन्य व्यक्ति को कथित डेढ़ लाख रुपये दिए गए थे।
* पत्नी का दर्जा: यह निर्विवादित है कि अभियुक्ता अंतिमा वादी की पत्नी है और शादी के बाद से ससुराल में रह रही थी।
* चोरी की छोटी राशि: वादी ने पड़ोस में हुई एक अन्य घटना (रानू जैन की पत्नी द्वारा गहने और पैसे लेकर भागना) के आधार पर, अपनी शादी के मात्र चार दिन बाद, अंतिमा के खिलाफ केवल पाँच हजार रुपये चोरी करने की प्राथमिकी दर्ज कराई।
* बचाव पक्ष का तर्क: अंतिमा के वकील एडवोकेट संदीप सिंह और रंजना शाक्य ने तर्क दिए कि कथित पाँच हजार रुपये दरअसल ‘मुंह दिखाई’ रस्म में मिले थे, जिसे वादी द्वारा चोरी का पैसा बताया गया।
* कोई आपराधिक इतिहास नहीं: अभियोजन पक्ष द्वारा अंतिमा का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास प्रस्तुत नहीं किया गया।

सशर्त जमानत मंजूर:
समस्त तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए, अदालत ने अंतिमा का जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया।
उसे निम्नलिखित शर्तों के साथ सशर्त जमानत पर रिहा किया जाएगा:
* आवेदिका को ₹50,000/- (पचास हजार रुपये) का व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के दो प्रतिभू संबंधित न्यायालय की संतुष्टि पर दाखिल करने होंगे।
* आवेदिका किसी भी अपराध में पुनः संलिप्त नहीं होगी।
* वह विवेचना/विचारण में सहयोग करेगी।
* वह वादी मुकदमा अथवा अन्य साक्षियों को डराएगी/धमकाएगी नहीं।
Attachment/Order/Judgement – bail allow order
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