आगरा: १३ अगस्त ।
लाखों रुपये की केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के आरोप में गिरफ्तार सिद्धांत राणा की जमानत याचिका को सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दिया है।
इसके साथ ही, इस मामले में आरोपी तीन अन्य व्यक्तियों शराफत, अरुण शर्मा और अंचित गोयल की अग्रिम जमानत याचिकाएं भी निरस्त कर दी गई हैं। सिद्धांत राणा 16 जून से आगरा जिला कारागार में बंद है।
यह मामला थाना हरीपर्वत में दर्ज हुआ था। 16 जून 2025 को सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्तालय के अधिकारियों ने एन्थिला, आवास विकास कॉलोनी में छापेमारी की थी।
इस दौरान, उन्हें विभिन्न फर्जी फर्मों से संबंधित चेक बुक, मुहरें, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, डायरी और रजिस्टर जैसी कई चीजें मिलीं। इसी दौरान, आरोपी सिद्धांत राणा को गिरफ्तार किया गया था।
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जीएसटी अधिकारियों का आरोप है कि सिद्धांत राणा ने अंचित गोयल, शराफत और अरुण कुमार शर्मा के साथ मिलकर बोगस (फर्जी) फर्म बनाईं।
उन्होंने इन फर्मों के पैन कार्ड और आधार कार्ड का उपयोग करके फर्जी बिल और इनवॉइस तैयार किए, जिससे इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी ) में ₹34,30,45,278/- की कर चोरी की गई।
भारत सरकार के अधिवक्ता विवेक कुमार शर्मा और डीजीसी राधाकृष्ण गुप्ता की दलीलों पर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी सिद्धांत राणा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
इसके अलावा, उन्होंने शराफत, अरुण शर्मा और अंचित गोयल द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिकाओं को भी निरस्त करने का आदेश दिया।
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