आगरा/प्रयागराज ७ जून ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर में फिलिस्तीन के समर्थन में भड़काऊ भाषण देने वाले चार छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इंकार कर दिया है।
जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस अनिल कुमार की डबल बेंच ने आरोपी छात्रों की याचिका खारिज करते हुए पुलिस कार्रवाई पर हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।
यह मामला 11 अप्रैल को गोरखपुर के सूर्य विहार मोहल्ले में सुचनिया मस्जिद के पास का है। आरोप है कि दोपहर करीब ढाई बजे, चार छात्र आकाश कुमार, प्रसेन, धर्मराज और अम्बरीश चंद्र कोटारया ने इजरायल के विरोध और फिलिस्तीन के समर्थन में पोस्टर-बैनर लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिए, जिससे सड़क जाम हो गई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर भीड़ को तितर-बितर किया।
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पुलिस के अनुसार, बिना अनुमति भीड़ इकट्ठी करने और एक संवेदनशील क्षेत्र में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में तिवारीपुर, गोरखपुर में इन चारों छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
आरोपी छात्रों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से एफआईआर रद्द करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। इस फैसले को छात्रों के लिए एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
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