आगरा: 4 जून ।
आगरा के बसई अरेला थाना क्षेत्र में एक पति को अपनी पत्नी की निर्मम हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक ने आरोपी रामबाबू पुत्र स्वर्गीय कालीचरन, निवासी पुरा जवाहर, स्याही पुरा, थाना बसई अरेला को दोषी मानते हुए 10 हज़ार रुपये के अर्थदंड के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मामला 9 अप्रैल 2019 का है, जब आरोपी रामबाबू ने अपनी पत्नी मंजू देवी को फांसी लगाकर मौत के घाट उतार दिया था। हत्या को छिपाने के इरादे से उसने मंजू देवी के मुँह में आयोडेक्स भर दी थी।
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, मंजू देवी के भाई रामू ने बताया कि उसकी बहन की शादी रामबाबू से 18 साल पहले हुई थी। रामबाबू एक शराबी और जुआरी था, जो अक्सर मंजू से मारपीट और उसे प्रताड़ित करता था। दो बेटों और एक बेटी के होने के बावजूद भी उसके स्वभाव में कोई सुधार नहीं आया।
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संपत्ति को बर्बाद करने की उसकी आदतों के कारण, मंजू देवी के ससुर कालीचरन ने अपनी पुत्रवधू और बच्चों के भरण-पोषण के लिए उनके नाम चार बीघा खेत कर दिए थे। पिता की मृत्यु के बाद, रामबाबू अपनी पत्नी पर उन खेतों को बेचने के लिए लगातार दबाव डालता रहा। जब मंजू देवी ने मना किया, तो उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत कुमार गुप्ता और एडीजीसी देवी सिंह सोलंकी ने मामले की पुष्टि के लिए वादी सहित सात गवाहों को अदालत में पेश किया।
जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक ने उपलब्ध साक्ष्य और डीजीसी एवं एडीजीसी के तर्कों पर विचार करते हुए पत्नी की निर्ममता पूर्वक हत्या के मामले में रामबाबू को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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