आगरा २४ अप्रैल ।
61 लाख 36 हजार रुपये का चेक डिसऑनर होने के मामले में आरोपित मैसर्स देव कन्स्ट्रक्शन के प्रोप्राइटर दिलीप तिवारी निवासी गुड़हाई मंडी, ताजगंज को वादी द्वारा प्रिमैच्योर मुकदमा अदालत में दाखिल करने पर विशेष न्यायालय एनआई एक्ट के पीठासीन अधिकारी माननीय सतेंद्र सिंह वीरवांन ने दोषमुक्त करने के आदेश दिये।
मामले के अनुसार वादी मुकदमा वैष्णो कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग कंपनी के प्रोप्राइटर अजय कुमार शर्मा निवासी श्यामजी पुरम, सिकन्दरा रोड बोदला ने मैसर्स देव कन्स्ट्रक्शन के प्रोप्राइटर दिलीप तिवारी निवासी गुड़हाई मंडी ताजगंज, जिला आगरा के विरुद्ध मुकदमा दायर कर आरोप लगाया कि आरोपी एवं वादी दोनों ही जलनिगम की ठेकेदारी करतें है।एक दूसरे को मिले सरकारी ठेके में काम कर एक दूसरे का सहयोग भी करते थे।
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वादी ने हिसाब किया तो उसके आरोपी दिलीप तिवारी पर 61 लाख 36 हजार रुपये बकाया चल रहे थे। वादी के तगादे पर आरोपी द्वारा दिया गया 61 लाख 36 हजार रुपये का चेक भुगतान हेतु बैंक में प्रस्तुत करने पर डिसऑनर हो गया।
मुकदमें के विचारण के दौरान आरोपी के अधिवक्ता अवधेश शर्मा द्वारा अदालत को अवगत कराया गया कि आरोपी का चेक वादी द्वारा निकाल लिया गया था। जिस कारण वादी ने स्टॉप पेमेंट कराया था । साथ ही वादी ने उक्त मुकदमा नोटिस की मियाद समाप्त होने की तिथि से पूर्व ही प्रिमेच्योर अदालत में दाखिल किया गया है।
अदालत ने आरोपी के अधिवक्ता के तर्क पर आरोपी को दोषमुक्त करने के आदेश दिये।
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