आगरा/प्रयागराज 22 अक्टूबर ।
पासपोर्ट मामले में फाइनल हियरिंग 8 नवंबर को होगी।
विपक्षी आकाश सक्सेना की तरफ से नहीं दाखिल किया गया जवाबी हलफनामा ।
31 जुलाई को हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खान की याचिका पर शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना को जारी किया था नोटिस।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर से बीजेपी विधायक से मांगा था जवाब ।
अब्दुल्ला आजम खान ने विशेष अदालत रामपुर के उस आदेश को चुनौती दी है जिसके तहत सीजेएम विशेष अदालत ने पासपोर्ट की सत्यता के पक्ष में सबूत रखने की अनुमति अर्जी निरस्त कर दी है।
इससे पहले कोर्ट ने 25 जुलाई को अब्दुल्ला आजम की याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया था लेकिन शिकायतकर्ता को पक्षकार न बनाने के कारण फैसला टाल दिया गया।

31 जुलाई को याची की शिकायतकर्ता को पक्षकार बनाने की अर्जी (Impleadement Application) को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने आकाश सक्सेना को जारी किया था नोटिस ।
गलत जन्म तिथि पर फ़र्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में अब्दुल्ला आज़म खान ने ट्रायल कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कुछ वीडियो क्लिप, शादी के कार्ड आदि दस्तावेज की प्रमाणित प्रतिलिपि दाखिल करने की अनुमति मांगी थी।
ट्रायल कोर्ट ने प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया था।
ट्रायल कोर्ट के आदेश को अब्दुल्ला आज़म ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दी है चुनौती ।
भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने फ़र्ज़ी पासपोर्ट मामले में 30 जुलाई 2019 को अब्दुल्ला के खिलाफ रामपुर के सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी और पासपोर्ट एक्ट की धारा में दर्ज कराया था मुकदमा।
इस मामले में रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
अब्दुल्ला पर गलत दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने का लगा है आरोप।

आरोप है कि अब्दुल्ला आजम के शैक्षिक प्रमाण पत्र और पासपोर्ट विभाग को दी गई जानकारी अलग-अलग है।
शिकायत के अनुसार अब्दुल्ला को 10 जनवरी 2018 को पासपोर्ट संख्या जेड-4307442 जारी हुआ था।
पासपोर्ट में अब्दुल्ला आज़म की जन्म की तारीख 30 सितंबर 1990 बताई गई है जबकि शैक्षिक प्रमाण पत्रों में एक जनवरी 1993 है।
जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच कर रही है मामले में सुनवाई।
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