आर्य समाज चौक प्रयागराज संस्था ने शादी कराने व प्रमाणपत्र जारी करने से किया इंकार
एसएचओ कोतवाली प्रयागराज को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश
आगरा / प्रयागराज 13 अक्टूबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएचओ कोतवाली प्रयागराज को अपने को शादीशुदा बताकर संरक्षण मांगने आये याची जोड़े की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि याची जोड़े के बारे में पता करें कि उनकी शादी किसने कराई ?
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विवाह प्रमाणपत्र किस संस्था से किसने दिलाया ?
जिस पुरोहित ने शादी कराई उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर सहित पूरी जानकारी इकट्ठा करें।
कोर्ट ने याची जोड़े को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया और कहा यदि वह सहयोग न करें तो उन्हें अगली सुनवाई की तिथि पर अदालत में विस्तृत रिपोर्ट के साथ पेश किया जाए। याचिका की सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने श्रीमती शिवानी केसरवानी व एक अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
याचियों का कहना था कि वे बालिग है। उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है। विपक्षियों से उन्हें जान को खतरा है। धमकी दी जा रही है। जिस पर कोर्ट ने एसएचओ कोतवाली से कथित शादी कराने वाली संस्था आर्य समाज चौक प्रयागराज के अध्यक्ष, सचिव व पुरोहित को अगली तिथि को करने का आदेश दिया।याची के अधिवक्ता विनोद कुमार पांडेय उपस्थित नही हुए।
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आर्य समाज की तरफ से अधिवक्ता आर.बी.मिश्र ने कोर्ट को बताया कि जो शादी का प्रमाणपत्र दाखिल किया गया है, वह उनकी संस्था ने जारी नहीं किया है। उन्होंने रजिस्टर भी पेश किया।
पुरोहित पंकज शुक्ल ने कहा कि उन्होंने याचियों की शादी नहीं कराई है और न ही विवाह प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर किया है तथा न ही सोसायटी ने कोई प्रमाणपत्र दिया है।
जिसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने एसएचओ कोतवाली को याचियों से पूछताछ कर सच्चाई उजागर करने का निर्देश दिया।
याची अधिवक्ता को अगली तिथि पर हाजिर रहने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने अधिवक्ता आर.बी. मिश्र को न्यायमित्र नियुक्त कर अगली सुनवाई की तिथि पर कोर्ट को सहयोग करने का आदेश दिया है।
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