आगरा।
जनपद न्यायालय के माननीय जिला जज ने थाना किरावली क्षेत्र के अंतर्गत मारपीट और जानलेवा हमला करने के आरोपी पवन को राहत देते हुए उसकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) अर्जी स्वीकार कर ली है।
न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने में हुए अत्यधिक विलंब को देखते हुए रिहाई के आदेश जारी किए।
मामले की पृष्ठभूमि:
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी लीलाधर ने थाना किरावली में मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि 31 जुलाई 2023 की शाम को आरोपी पवन (पुत्र रवेन्द्र, निवासी नगला खुशियाली) और अन्य लोग वादी के प्लॉट पर अवैध निर्माण कर रहे थे।
जब वादी और उसके भाई पुरुषोत्तम ने मौके पर पहुँचकर निर्माण रुकवाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
बचाव पक्ष के मुख्य तर्क:
आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश यादव एवं अदिति यादव ने न्यायालय के समक्ष मजबूती से पक्ष रखते हुए निम्नलिखित बिंदु उठाए:

* FIR में विलंब: घटना 31 जुलाई की बताई गई है, जबकि इसकी रिपोर्ट 28 दिन की देरी से दर्ज कराई गई। इस देरी का कोई ठोस और संतोषजनक कारण स्पष्ट नहीं किया गया।
* निर्दोषता का दावा: बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को रंजिशन मामले में फंसाया गया है और घटना की कहानी मनगढ़ंत है।
न्यायालय का निर्णय:
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, जिला जज ने माना कि रिपोर्ट दर्ज कराने में 28 दिन का विलंब एक महत्वपूर्ण विधिक बिंदु है।
न्यायालय ने आरोपी पवन का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।
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