आगरा।
चेक बाउंस (चेक अनादरण) के एक मामले में सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-12 माननीय अनुभव सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है।
अदालत ने आरोपी धर्मेंद्र कुमार को 3 महीने की कैद की सजा सुनाई है और साथ ही उस पर 2 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले का विवरण:
अदालत में यह मुकदमा वादी संजीव कुमार धनगर (पुत्र नरेंद्र पाल धनगर, निवासी मुरली विहार, दोरेठा नंबर 1, थाना शाहगंज, जिला आगरा) द्वारा दायर किया गया था।
वादी के अनुसार, उनके किसी देय राशि के भुगतान के एवज में आरोपी धर्मेंद्र कुमार (पुत्र भीकम सिंह, निवासी ग्राम बघा, थाना कागारोल) ने उन्हें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का 2 लाख रुपये का चेक दिया था।
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जब वादी संजीव कुमार ने भुगतान प्राप्त करने के लिए उक्त चेक बैंक में जमा किया, तो आरोपी के खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस (डिशऑनर) हो गया।
विधिक कार्रवाई और फैसला:
चेक बाउंस होने की जानकारी मिलने पर वादी संजीव कुमार धनगर ने नियमानुसार आरोपी को विधिक नोटिस भेजा।
नोटिस भेजे जाने के बाद भी जब आरोपी ने राशि का भुगतान नहीं किया, तो वादी ने अदालत में मुकदमा दायर कर दिया।
इस मामले में सभी साक्ष्यों और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-12 माननीय अनुभव सिंह ने आरोपी धर्मेंद्र कुमार को दोषी पाया।
अपराध सिद्ध होने पर न्यायालय ने आरोपी को 3 माह की कैद की सजा और 2 लाख 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश पारित किया।
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