आगरा १ जुलाई :
सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के एक मामले में अधीनस्थ न्यायालय (एसीजेएम-2) के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें प्रतिवादी को अंतरिम मुआवजे के तौर पर ₹1 लाख का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। प्रतिवादी की रिवीजन याचिका खारिज कर दी गई, जिससे उसे कोई राहत नहीं मिल पाई।
मामले के अनुसार, वादी उमेश सिंह, पुत्र बेनी सिंह, निवासी स्वामी बाग, दयालबाग, आगरा ने अपने अधिवक्ता राहुल गुप्ता के माध्यम से एसीजेएम-2 की अदालत में प्रतिवादी शशिकांत, पुत्र बलवीर सिंह राजपूत, निवासी सपन बाग, दयालबाग, आगरा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। यह मुकदमा ₹5 लाख के चेक के डिसऑनर होने से संबंधित था।
वादी ने मुकदमे के निपटारे में हो रही देरी का हवाला देते हुए अदालत से अंतरिम मुआवजे की मांग की थी। इस पर, निचली अदालत ने वादी के पक्ष में चेक की राशि का 20 प्रतिशत यानी ₹1 लाख अंतरिम मुआवजे के रूप में दिलाने का आदेश दिया था।
Also Read – साक्ष्य के अभाव में गैर इरादतन हत्या के दो आरोपी बरी
इस आदेश से असंतुष्ट होकर, प्रतिवादी शशिकांत ने सत्र न्यायालय में रिवीजन याचिका दायर की। अपनी याचिका में, प्रतिवादी ने तर्क दिया कि वह वादी को ₹5 लाख का भुगतान पहले ही कर चुका है, लेकिन वादी ने उसे चेक वापस नहीं किया और दोगुना लाभ कमाने के उद्देश्य से यह मुकदमा दायर किया है।
हालांकि, सत्र न्यायालय ने वादी के अधिवक्ता के तर्कों और प्रतिवादी के कथन को ध्यान में रखते हुए यह पाया कि ये दावे मुकदमे के विचारण के दौरान ही साक्ष्य से सिद्ध हो सकते हैं।
इन आधारों पर, अदालत ने प्रतिवादी की रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया और अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम मुआवजे के आदेश को यथावत रखा।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin- चेक बाउंस मामला: चांदी में निवेश के नाम पर 6 लाख की धोखाधड़ी, आरोपी दीपक प्रजापति को कोर्ट ने किया तलब - March 25, 2026
- साक्ष्य के अभाव में पति की हत्या की आरोपी पत्नी और प्रेमी बरी: एडीजे कोर्ट का बड़ा फैसला - March 25, 2026
- करोड़ों की ठगी का मामला: आरोपी विवेक कुमार सिंह की अग्रिम जमानत मंजूर, जिला जज ने दिए रिहाई के आदेश - March 25, 2026







