विशेष न्यायालय एनआई ऐक्ट ने सुनाया फैसला; वादी को मिलेगी क्षतिपूर्ति
आगरा:
चेक डिसऑनर (Cheque Dishonour) के एक मामले में विशेष न्यायालय एनआई ऐक्ट के पीठासीन अधिकारी माननीय अरविंद कुमार यादव ने आरोपी मोनू खान (निवासी लोहामंडी) को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास और 1 लाख 70 हजार 147 रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई है।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की कुल राशि में से 1 लाख 60 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति (Compensation) वादी को अदा किए जाएं, जबकि शेष 10 हजार 147 रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा किए जाएंगे।
जानिए क्या था मामला ?
डीआर इंटरप्राइजेज, पटपरी विद्या नगर, नगला पदी के प्रोपराइटर धर्मेन्द्र सिंह ने अपने अधिवक्ता विनोद कुमार कमल के माध्यम से अदालत में यह मुकदमा दायर किया था।

वादी ने अदालत को बताया कि उनके और आरोपी मोनू खान के बीच व्यावसायिक संबंध थे। मोनू खान ने जुलाई 2019 में वादी की फर्म से बेकरी मॉडल्स, बेकरी बॉक्स (हॉट केस) और फ्लोर मिक्सचर मशीनें कुल 1 लाख 30 हजार 111 रुपये में खरीदी थीं।
चेक हुआ था डिसऑनर:
खरीदी गई सामग्री के भुगतान के रूप में, आरोपी मोनू खान ने 5,000/- रुपये की धनराशि नकद दी थी। शेष 1 लाख 25 हजार 111 रुपये के लिए उन्होंने एक चेक दिया था।
जब वादी ने इस चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया, तो यह डिसऑनर (अस्वीकृत) हो गया। विधिक नोटिस भेजे जाने के बाद भी विपक्षी मोनू खान ने धनराशि का भुगतान नहीं किया, जिसके बाद धर्मेन्द्र सिंह ने अदालत का रुख किया।
विशेष न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मोनू खान को चेक डिसऑनर का दोषी पाया और उन्हें सज़ा सुनाई।
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