आगरा।
एक महत्वपूर्ण फैसले में, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-28) माननीय शिव कुमार की अदालत ने अपहरण, दुष्कर्म (दुराचार), और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दोषी पाए गए दीपक उपाध्याय को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। अदालत ने उस पर ₹60,000/- का अर्थदंड भी लगाया है।
पिता पर भी लगा जुर्माना और कैद:
अदालत ने आरोपी दीपक उपाध्याय के पिता, प्रेम पाल उपाध्याय, निवासी विक्रम नगर, थाना जगदीशपुरा, आगरा, को भी दोषी ठहराया है। उन्हें दलित उत्पीड़न, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में दो वर्ष के कारावास और ₹14,000/- के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
इस प्रकार, पिता और पुत्र पर कुल मिलाकर ₹74,000/- का अर्थदंड लगाया गया है।
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क्या था मामला ?
थाना जगदीशपुरा में दर्ज मामले के अनुसार, पीड़ित/वादनी ने आरोप लगाया था कि आरोपी दीपक उपाध्याय उन्हें शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया और दो वर्षों तक उनका शारीरिक शोषण किया।
* घटनाक्रम: आरोपी ने 7 मार्च 2022 की सुबह 11 बजे पीड़िता को बोदला चौराहा पर छोड़कर भाग गया।
* दलित उत्पीड़न: जब पीड़िता आरोपी के घर गई, तो उसके पिता प्रेम पाल उपाध्याय ने कथित तौर पर पीड़िता के साथ गाली-गलौज की, जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, और धमकी देकर उसे घर से भगा दिया।
पीड़िता की तहरीर पर आरोपी दीपक उपाध्याय के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और दलित उत्पीड़न की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं, उसके पिता प्रेम पाल उपाध्याय के खिलाफ गाली-गलौज, धमकी और दलित उत्पीड़न के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।
विशेष अभियोजन अधिकारी माधव शर्मा के तर्कों पर सहमति जताते हुए एडीजे-28 माननीय शिव कुमार ने यह कठोर फैसला सुनाया।
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