आगरा/प्रयागराज: ७ जुलाई ।
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘स्कूल पेयरिंग नीति’ के तहत प्राइमरी स्कूलों के विलय के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
इस याचिका में बेसिक शिक्षा विभाग के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें बच्चों की संख्या के आधार पर प्राथमिक स्कूलों को उच्च प्राथमिक या कंपोजिट विद्यालयों में विलय करने की बात कही गई है।
पीलीभीत के ब्लॉक बिलसंडा के ग्राम चांदपुर निवासी सुभाष, यशपाल यादव और अत्येंद्र कुमार ने यह याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि सरकार का यह आदेश न केवल बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच को भी बुरी तरह प्रभावित करेगा।
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इस याचिका में राज्य सरकार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, शिक्षा निदेशक (बेसिक), बेसिक शिक्षा बोर्ड प्रयागराज, क्षेत्रीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), पीलीभीत के जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी, बिलसंडा को प्रतिवादी बनाया गया है।
सरकार ने यह आदेश 16 जून 2025 को जारी किया था, जिसके तहत कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों को आसपास के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित किया जाना है। उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण याचिका पर दो से तीन दिन में सुनवाई हो सकती है।
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