आगरा।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय सोनिका चौधरी ने गाजियाबाद में तैनात स्वाट टीम (ग्रामीण जोन) के प्रभारी उपनिरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
न्यायालय ने यह सख्त रुख एक पुराने आपराधिक मामले में गवाही के लिए बार-बार बुलाए जाने के बावजूद अनुपस्थित रहने पर अपनाया है।
इस संबंध में पुलिस आयुक्त गाजियाबाद और मुख्य कोषाधिकारी गाजियाबाद को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भेजे गए हैं।
प्रकरण के अनुसार, वर्ष 2022 में थाना फतेहपुर सीकरी में अपहरण, दुराचार और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत राज्य बनाम प्रमोद का मुकदमा दर्ज हुआ था।
Also Read –विवाह समारोह में मारपीट के आरोपी भाइयों की अग्रिम जमानत मंजूर

तत्कालीन उपनिरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह इस मुकदमे के विवेचक थे। वर्तमान में वह गाजियाबाद जनपद में तैनात हैं।
न्यायालय में इस मामले के अन्य सभी गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, लेकिन विवेचक ज्ञानेंद्र सिंह की गवाही न होने के कारण मामला पिछले काफी समय से लंबित चल रहा है।
अदालत ने माना कि महत्वपूर्ण गवाह और विवेचक के हाजिर न होने से न्यायिक प्रक्रिया में देरी हो रही है। विशेष न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि उपनिरीक्षक का वेतन तब तक रोका जाए जब तक वह गवाही के लिए उपस्थित नहीं होते।
साथ ही, न्यायालय ने आगामी 28 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपनिरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह की गवाही अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम का महत्वपूर्ण फैसला: विक्रय पत्र निष्पादन के बाद अतिरिक्त राशि मांगना अनुचित, बिल्डर 45 दिन में दे फ्लैट का कब्जा - August 5, 2026
- घर में घुसकर महिला से अश्लील छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को 3 वर्ष की कैद और जुर्माना - August 4, 2026
- तेज रफ्तार हाइड्रा से टक्कर मारकर बुजुर्ग की जान लेने के मामले में चालक को 5 वर्ष की कैद और जुर्माना - August 4, 2026





1 thought on “आगरा अदालत में विवेचक के हाजिर न होने पर गाजियाबाद में तैनात स्वाट टीम प्रभारी का वेतन रोकने के आदेश”