आगरा/प्रयागराज:
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण से जुड़े एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन उन्हें तत्काल कोई राहत नहीं मिल सकी।
चंद्रशेखर ने बिजनौर में दर्ज एक मामले में ट्रायल कोर्ट (Trial Court) में दायर चार्जशीट (आरोप पत्र) और लंबित आपराधिक कार्यवाही को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है और इसे रद्द करने की मांग की है।
गवाहों के बयानों को संलग्न करने के लिए मांगा समय:
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जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ (Single Bench) में इस याचिका पर सुनवाई हुई।
* सरकार का पक्ष: सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता (चंद्रशेखर) ने अपनी याचिका के साथ जाँच के दौरान दर्ज किए गए गवाहों के संपूर्ण बयान संलग्न नहीं किए हैं।
* याचिकाकर्ता का अनुरोध: इस पर चंद्रशेखर के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि उन्हें जाँच के दौरान दर्ज किए गए सभी गवाहों के संपूर्ण बयान पूरक हलफनामे (Supplementary Affidavit) के माध्यम से दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए।
न्यायालय ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 दिसंबर 2025 की तारीख निर्धारित की है।
जानिये क्या है बिजनौर का मामला ?
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ यह मामला 2 जुलाई 2019 को बिजनौर के कोतवाली देहात थाने में दारोगा राहुल आर्य ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
चंद्रशेखर पर भड़काऊ भाषण देने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिसकी चार्जशीट को उन्होंने अब हाईकोर्ट में चुनौती दी है ।
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