आगरा/ प्रयागराज 26 अगस्त।
छोटा हरिद्वार के नाम से मशहूर गंगानगर घाट पर बने चेंजिग रूम में 21 मई को एक महिला अपनी बेटी के साथ कपड़े बदलने गई थी, जहां वह सीसीटीवी कैमरा देखकर दंग रह गई। उसे पता चला कि यह कैमरा एक महंत के मोबाइल फोन से कनेक्ट है तो वह उसके पास पहुंच गई और सवाल जवाब करने लगी।
आरोप है कि इस पर महंत ने उस महिला को धमकी दी कि अगर वह पुलिस से शिकायत करेगी तो ठीक नहीं होगा। उसके बाद से महंत फरार है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छोटा हरिद्वार के नाम से मशहूर गंगानगर घाट पर बने चेंजिंग रूम से सीसीटीवी के जरिये महिलाओं की अश्लील वीडियो बनाने के फरार आरोपी महंत मुकेश गिरि को बचाने की हो रही कोशिशों का संज्ञान लिया है।
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न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने आरोपी महंत मुकेश गिरि की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव को सचिव स्तर के अधिकारी से मामले की जांच करवा कर रिपोर्ट 12 सितंबर को सीलबंद लिफाफे में पेश करने का आदेश दिया है।
इस मामले में पुलिस की ओर से दाखिल हलफनामे में महंत के खिलाफ मिले सबूतों को छिपाने का मामला सामने आया है।
जांच में मिले 200 महिलाओं के अश्लील वीडियो पुलिस ने रिकॉर्डिंग डिवाइस की फुटेज जांच की तो पता चला कि 5 दिनों में कपड़े बदलते 200 महिलाओं के वीडियो थे।
पुलिस ने सीसीटीवी को जब्त कर लिया और अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बीच फरार महंत गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा है। अदालत ने पांच जुलाई को सरकार से जवाबी हलफनामा तलब करते हुए महंत के खिलाफ मिले सुबूतों को पेश करने को कहा था।
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जिसके क्रम में मुरादनगर के उपनिरीक्षक रामपाल सिंह ने 15 जुलाई को हलफनामा तो दाखिल किया, लेकिन जांच के दौरान मिले वीडियो फुटेज जैसे तमाम सबूतों का खुलासा नही किया गया।
सुबूतों के तौर पर न्यूज पेपर की कटिंग और महिला आयोग के पत्र पेश कर दिए। जबकि शिकायतकर्ता के वकील ने जांच के दौरान मिले सुबूतों की जानकारी अदालत को दी। अदालत ने हैरानी जताते हुए कहा कि जांच करने वाली पुलिस सुबूतों के बिंदु पर खामोश है, जबकि शिकायतकर्ता को सबकुछ मालूम है।
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